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सेमरिया में 16 बालिकाओं को मिली निःशुल्क सरस्वती साइकिल

जांजगीर-बम्हनीडीह। शासकीय आरकेके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरिया, विकासखंड बम्हनीडीह में छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत पात्र 16 बालिकाओं को साइकिल का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति श्रीमती मोहन कुमारी साहू उपस्थित रहीं। उन्होंने पात्र छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बालिकाओं को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सभापति मोहन कुमारी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना बालिकाओं की शिक्षा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साइकिल मिलने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी तथा उनकी शिक्षा निरंतर जारी रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बालिकाओं में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य और मंजिल की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि साइकिल का उपयोग नियमित रूप से विद्यालय आने-जाने के लिए करें तथा इसकी उचित देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाएं। उन्होंने बालिकाओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में अपने लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष मंदराज कश्यप, ग्राम पंचायत सेमरिया की सरपंच ईश्वरी बाई रामस्वरूप कश्यप, बीडीसी सदस्य बम्हनीडीह उत्तरा माखन कश्यप, विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षर भारत कार्यक्रम, बम्हनीडीह) डॉ. उमेश दुबे सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अशोक जलतारे, सद्दाम हुसैन, विद्यालय के प्राचार्य रमेश कुमार मेहरा, वरिष्ठ व्याख्याता राजीव लोचन कश्यप, सरला चंद्रा, अशरफ हुसैन, रेणुका कुमारी मेरावी, सावित्री जायसवाल, शाश्वत कटकवार, हेमलाल रात्रे, भरत कश्यप, अमित आहूजा, गोवर्धन प्रसाद यादव, नीलम सिंह ठाकुर एवं द्वास कश्यप सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में साइकिल मिलने को लेकर उत्साह देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन व्याख्याता डिलेश्वर प्रसाद डडसेना ने किया।



