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छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक की तानाशाही से उपभोक्ता परेशान, विकासखण्ड मालखरौदा के सकर्रा की मामला…

सक्ति-मालखरौदा। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक सकर्रा की शाखा प्रबंधक के व्यवहार से आमजन परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि आए दिन बदलते नियम और उनके बारे में ग्राहकों को सूचना नहीं देना और फिर झल्लाकर जवाब देना, यह बैंककर्मियों के स्वभाव में शामिल हो गया है। जिसको लेकर उपभोक्ताओं में दिनों दिन बैंक के मुखिया शाखा प्रबंधक के प्रति नाराजगी बढती जा रही है।सकर्रा स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक की कार्यप्रणाली से उपभोक्ताओं खासा नाराजगी देखने को मिल रही है। इसके चलते ग्रामीण अंचल से आने वाले उपभोक्ता इस बैंक की सेवाओं से असंतुष्ट हैं। बैंक में खाता खुलवाने के लिए जाने वाले ग्राहकों को कई दिनों तक दस्तावेज के नाम पर घुमाया जाता है और अंत में शाखा प्रबंधक के द्वारा ऐसे ग्राहकों को कियोस्क से खाता खुलवाने की सलाह दी जाती है जबकि उन्हें बैंक के सारे नियम मालूम होने के बाद भी कि कियोस्क में केवल छोटे खाते ही खोले जाते हैं। ऐसे में बड़े खाते खोलने वाले ग्राहकों को सप्ताह भर परेशान होने के बाद कियोस्क में जाने की सलाह देना उचित नहीं है। ग्राहकों ने आरोप लगाते हुए बताया की बैंक प्रबंधक द्वारा कभी कैश न होना तो कभी लिंक न होने की बात कहते हफ़्ते में कई दिन ले-देन बंद होने की बात कहकर उपभोक्ताओं को रवाना कर दिया जाता है। अंचल के ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी रोजी,मजदूरी छोड़कर कई कई दिन ग्रामीणों को बैक के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। ऐसे स्थिति निर्मित हो जाती है कि कभी कभी बैंक में जमा व निकासी न होने के चलते ग्राहकों को घंटों लाइन में खडे़ रहकर इंतजार करना पड़ता है। वही मनरेगा मजदूरों व पेंशन तथा छात्रवृत्ति के खाते खुले हैं जिनका समय पर लेनदेन नहीं होता है। बैंक खुलते ही ग्राहकों की भारी भीड़ एकत्रित हो जाती है। लंबी लाइन शाखा में लग जाती है तथा ग्राहकों को इंतजार करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि आए दिन बदलते नियम और उनके बारे में ग्राहकों को सूचना नहीं देना और फिर झल्लाकर जवाब देना, यह बैंककर्मियों के स्वभाव में शामिल हो गया है।

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सप्ताह में तीन दिन ठीक से नहीं मिलती बैंक की सेवाएं

ग्रामीण बैंक के खाताधारकों ने बताया कि उन्हें माह के शनिवार बुधवार को ग्रामीण बैंक की सेवाओं का लाभ ठीक से नहीं मिलता क्योंकि इस दिन बैंक में लेन-देन नहीं किया जाता और एक दिन अगर किसी शासकीय अवकाश में चला गया तो बस अगले दिन लिंग फ़ैल या कैश न होने जैसी बात सुनने को मिल जाएगी जो समझ से परे हुए है। अगर समय रहते शाखा प्रबंधक की रवैया में सुधार नही होती तो उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने लगाया है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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