Side Effects Of Eating Late At Night: सोने से कितने घंटे पहले खाना है जरूरी? यहाँ समझें इसके पीछे का विज्ञान

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, देर तक काम करने के दबाव और बदलती जीवनशैली की वजह से कई लोगों में रात को काफी देर से खाना खाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। कुछ लोगों के लिए यह मजबूरी है तो कुछ के लिए रोजमर्रा की आदत बन चुकी है। लेकिन क्या यह आदत सेहत के लिहाज से सही है? डाइट एक्सपर्ट्स का कहना है कि देर रात खाना खाने का असर हर व्यक्ति की सेहत, लाइफस्टाइल और पहले से मौजूद बीमारियों पर अलग-अलग तरीके से निर्भर करता है।

एसिड रिफ्लक्स के मरीजों के लिए बढ़ती है परेशानी
‘यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर’ के शोध और विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स (सीने में जलन) की समस्या है, तो देर रात खाना खाने से यह परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है। सोने से ठीक पहले भोजन करने पर पेट में भोजन को पचाने के लिए बनने वाला एसिड ऊपर की ओर यानी फूड पाइप की तरफ आ सकता है। इसके कारण सीने में जलन, खट्टी डकारें आना और गले में तेज जलन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञों द्वारा ऐसे मरीजों को सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले रात का खाना खा लेने की सलाह दी जाती है।
डायबिटीज के मरीजों को क्या है दिक्कत?
डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए भी देर रात भोजन करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। निर्धारित समय से अलग या देर रात भोजन करने पर ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) का स्तर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। इसका सीधा असर मरीज की नींद पर पड़ता है और अगले दिन भूख भी असामान्य महसूस हो सकती है। ऐसे लोगों को हमेशा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही अपने रात के भोजन का समय तय करना चाहिए। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है, तो कभी-कभार देर से खाना खाना बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन इसे रोज की आदत बनाने से बचना चाहिए।

रात में क्या खाने से बचना है जरूरी?
रात के समय भोजन की टाइमिंग के साथ-साथ यह भी उतना ही जरूरी है कि आप क्या खा रहे हैं। अगर आपको एसिड रिफ्लक्स है, तो सोने से पहले ज्यादा तला-भुना खाना, मांस, चीज, अंडे और अधिक डेयरी प्रोडक्ट्स लेने से बचना चाहिए। इसकी जगह मेवे या हल्के पौधों से बने स्नैक्स बेहतर विकल्प हैं। वहीं, डायबिटीज के मरीजों को ऐसा स्नैक चुनना चाहिए जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का सही संतुलन हो, ताकि ब्लड शुगर नियंत्रित रहे।
इसके अलावा, दांतों की सेहत के लिए भी देर रात मीठी या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाना ठीक नहीं माना जाता, क्योंकि ये मुंह में लंबे समय तक शुगर छोड़ती हैं जिससे कैविटी का खतरा बढ़ता है। इसलिए रात में कुछ भी खाने के बाद ब्रश करना बेहद जरूरी है।

रात में बार-बार भूख लगने की वजह और समाधान
अगर आपको रोजाना रात में तेज भूख लगती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे दिनभर पर्याप्त भोजन न करना, मानसिक तनाव, बोरियत, इमोशनल ईटिंग, अत्यधिक एक्सरसाइज या फिर शरीर में प्रोटीन और फाइबर की कमी। विशेषज्ञों का कहना है कि रात की भूख लगने पर सबसे पहले यह पहचानें कि क्या यह वास्तव में शारीरिक भूख है या सिर्फ समय बिताने की एक आदत। अगर भूख असली है, तो हल्का और संतुलित स्नैक लें, और यदि यह सिर्फ एक आदत है, तो इसे धीरे-धीरे बदलने का प्रयास करें।



