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CGPSC घोटाला: CBI को मिली परीक्षा नियंत्रकों की गिरफ्तारी की अनुमति…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित पीएससी घोटाले में सीबीआई जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। सरकार ने पीएससी की परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक गणवीर की गिरफ्तारी की अनुमति दे दी है। यह घोटाला तब सुर्खियों में आया जब 2021 में हुई पीएससी परीक्षा के परिणाम 2023 में विवादित साबित हुए।

पूर्व चेयरमैन पहले ही गिरफ्तार
सीबीआई ने पिछले महीने पीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि सोनवानी, आरती वासनिक, और गणवीर ने मिलकर पीएससी की परीक्षा के प्रश्नपत्र न केवल अपने परिजनों को मुहैया कराए, बल्कि मोटी रकम लेकर इसे अन्य लोगों को भी बेचा।

गिरफ्तारी में देरी क्यों?
आरती वासनिक और गणवीर सरकारी कर्मचारी हैं, जिसके चलते सीबीआई को उनकी गिरफ्तारी के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ी। फाइल गृह और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से होते हुए राज्यपाल के पास गई, जिनके अनुमोदन के बाद अब सीबीआई कार्रवाई कर सकती है।

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क्या है मामला?
2021 में आयोजित पीएससी परीक्षा के परिणाम जब 2023 में घोषित हुए तो विवाद खड़ा हो गया। इसमें तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के रिश्तेदारों और कई नेताओं-अधिकारियों के परिजन डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित हो गए। इस पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। चीफ जस्टिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नियुक्तियों पर रोक लगा दी।

सरकार बदली, जांच तेज हुई
दिसंबर 2023 में सत्ता में आई बीजेपी सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। इसके बाद से कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें पूर्व चेयरमैन, उद्योगपति श्रवण गोयल, और कुछ डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं।

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अब क्या होगा?
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक गणवीर की भूमिका इस घोटाले में अहम है। दोनों ने चेयरमैन सोनवानी के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक करने और आर्थिक लाभ अर्जित करने का काम किया। अब अनुमति मिलने के बाद सीबीआई कभी भी दोनों को गिरफ्तार कर सकती है।

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बीजेपी सरकार का सख्त रुख
बीजेपी सरकार इस मामले को लेकर सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री साय ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस घोटाले के दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

जनता में आक्रोश
इस घोटाले से जुड़े विवाद ने जनता में भारी आक्रोश पैदा किया है। पीड़ित उम्मीदवारों और विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पीएससी घोटाले ने छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक सेवाओं की साख को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में सीबीआई की कार्रवाई से यह तय होगा कि इस घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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