Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CG News: तहसील का बाबू 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाया, ACB ने रंगे हाथ दबोचा, मुआवजे के लिए मांगी थी रिश्वत

अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के जरही स्थित नायब तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ लिपिक को सरगुजा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लिपिक पर मकान क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिलाने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है।

मुआवजा दिलाने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप
सूरजपुर जिले के कोटेया निवासी रमेश राजवाड़े का घर बारिश के दौरान आई आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया था। पटवारी द्वारा नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया गया था, जो नायब तहसील कार्यालय जरही में लंबित था। क्षतिपूर्ति के लिए 80 हजार रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था।

See also  सौर ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सौर ऊर्जा के विस्तार से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा छत्तीसगढ़

40 हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की

आरोप है कि मुआवजा की राशि दिलाने के लिए नायब तहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक तोखन सिंह सोढ़ी ने रमेश राजवाड़े से आधी रकम यानी 40 हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की। रमेश राजवाड़े ने 15 हजार रुपये देने के बाद प्रकरण पास करने का आग्रह किया था, लेकिन लिपिक ने शेष 25 हजार रुपये और मांगे। इससे परेशान होकर रमेश राजवाड़े ने सरगुजा एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।

25 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा
शिकायत की जांच और रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद एसीबी के निरीक्षक शरद सिंह के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को कार्रवाई की। केमिकल लगे नोट शिकायतकर्ता को देकर नायब तहसील कार्यालय भेजा गया। जैसे ही रमेश राजवाड़े ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लिपिक को दी और उसने रकम अपनी जेब में रखी, तय इशारे पर एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर लिपिक को गिरफ्तार कर लिया।

Advertisment

विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज बताया जा रहा है कि रिश्वत लेते पकड़ा गया तोखन सिंह सोढ़ी पहले हाई स्कूल जरही में भृत्य के पद पर पदस्थ था और बाद में लिपिक का कार्य कर रहा था। पूर्व तहसीलदार द्वारा कार्यालय में संलग्न किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि उसके नियमित पदोन्नति की स्थिति स्पष्ट नहीं है। एसीबी ने आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।

See also  अवैध परिवहन एवं उत्खनन करते पाये जाने पर 6 वाहन जप्त...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!