Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

C G NEWS : 25 साल में दूसरी बार B.Ed की 5000 सीट खाली, TET की अनिवार्यता, युक्तियुक्तकरण और महंगी फीस के चलते एडमिशन नहीं ले रहे स्टूडेंट

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने बीएड के हो रही पहली काउंसलिंग की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। जिसके मुताबिक छत्तीसगढ़ में बीएड की 5300 सीटें खाली रह गई हैं, जो कुल सीटों का 36.43 प्रतिशत है। जानकारी के मुताबिक ये 25 साल में दूसरी बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं।

इससे पहले साल 2014 में ये स्थिति बनी थी, जब बीएड की इतनी सीटें खाली रह गईं थीं। वहीं डीएलएड की करीब 2 हजार सीट खाली है। राज्य में डीएलएड की 6660 और बीएड की 14400 सीटें हैं। इनमें एडमिशन के लिए पहले राउंड की काउंसिलिंग 29 अगस्त से शुरू हुई। इस राउंड में तीन मेरिट लिस्ट जारी की गई।

See also  CG NEWS : सीआईएसएफ ने भारत के हाईब्रिड बंदरगाह सुरक्षा मॉडल को निर्मित करने की शुरुआत की: पायलट आधार पर निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए प्रशिक्षण आरंभ…

इसके अनुसार डीएलएड में करीब चार हजार सीटों में प्रवेश हुए हैं। इसी तरह बीएड की 9 हजार से अधिक सीटें भरी। दूसरे चरण की काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने की आज, रविवार को लास्ट डेट है। इस राउंड की मेरिट लिस्ट 9 अक्टूबर को जारी होगी।

इस पर दावा-आपत्ति मंगाई जाएगी। इसके बाद 13 अक्टूबर को लिस्ट जारी होगी। इसके अनुसार 16 अक्टूबर तक प्रवेश दिए जाएंगे। इस राउंड में तीन लिस्ट जारी होगी। इसके अनुसार 6 नवंबर तक प्रवेश दिए जाएंगे। सीटें खाली रहने की स्थिति में फिर काउंसिलिंग होगी। इसके लिए शेड्यूल बाद में जारी होने की संभावना है। हैं।

See also  CG News: विदेशी मुद्रा की बड़ी चोरी का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 20 हजार डॉलर समेत 38 लाख का मशरूका जब्त

बीएड की सीटों में दाखिले कम होने के तीन बड़े कारण

Advertisment

निजी शिक्षा महाविद्यालय संघ के संयोजक राजीव गुप्ता के मुताबिक –

  • पिछले दिनों कोर्ट ने आदेश जारी कर माध्यमिक, हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी है। प्राथमिक कक्षाओं के लिए डीएलएड पर्याप्त है। इसलिए भी छात्र बीएड के स्थान पर डीएलएड को प्राथमिकता दे रहे हैं।
  • स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया। शिक्षकों के कई पद समायोजित हुए हैं। नई वैकेंसी भी नहीं निकल रही है। इस कारण रुझान घटा है।
  • ऑन रिकॉर्ड बीएड पाठ्यक्रम का शुल्क 60 हजार रुपए तय है। लेकिन पिछले सालों में यह आम शिकायत रही है कि अधिकतर निजी कॉलेज 2 लाख रुपए तक फीस ले रहे हैं। इस कारण भी छात्र शासकीय महाविद्यालयों में ही सीट मिलने पर ही प्रवेश ले रहे हैं।
See also  प्रसव के तीन दिन बाद 19 वर्षीय महिला की मौत, जिला अस्पताल में हंगामा

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!