BREAKING NEWS : 1 करोड़ के इनामी की कहानी खत्म! मुठभेड़ में टॉप कमांडर प्रयाग मांझी सहित 8 नक्सली ढेर, जवानों ने जंगल में ऐसे मार गिराया…

नई दिल्ली। झारखंड के बोकारो जिले में आज सुरक्षाबलों को नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में एक बड़ी कामयाबी मिली है। बोकारो जिले के ललपनिया क्षेत्र स्थित लुगु पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी नेता प्रयाग मांझी उर्फ विवेक दा सहित आठ नक्सलियों को मार गिराया। प्रयाग मांझी पर सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था, जो उसे झारखंड के सबसे बड़े इनामी नक्सलियों में शामिल करता था।
अधिकारियों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में प्रयाग मांझी भी शामिल है, जो भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था। उसे विवेक दा, फुचना, नागो मांझी और करण दा जैसे नामों से भी जाना जाता था। पिछले कुछ महीनों से वह पारसनाथ और झुमरा पहाड़ियों में सक्रिय था और नक्सली गतिविधियों की कमान संभाल रहा था।
100 से अधिक मामलों में वांछित
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, प्रयाग मांझी मूल रूप से धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड के दलबुधा गांव का निवासी था। झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में उसके खिलाफ कुल 100 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अकेले गिरिडीह, बोकारो, चाईबासा और धनबाद जिलों में 60 से ज्यादा केस दर्ज हैं।
अन्य बड़े इनामी नक्सली भी थे साथ
सुरक्षा बलों के अनुसार, प्रयाग मांझी के साथ मारे गए अन्य नक्सलियों में कई वांछित और इनामी माओवादी शामिल थे, जिनमें परवेज मांझी उर्फ अनुज दा, अरविंद यादव उर्फ नेताजी, और हार्डकोर नक्सली नारायण कोड़ा जैसे नाम हैं। इन नक्सलियों के पास एके-47, इंसास रायफल सहित अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
मुठभेड़ की सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर सुरक्षाबलों की सराहना की और कहा, “नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए हमारा अभियान लगातार जारी है। आज बोकारो के लुगु पहाड़ियों में मुठभेड़ के दौरान 8 नक्सली ढेर किए गए, जिनमें एक करोड़ का इनामी माओवादी प्रयाग मांझी भी शामिल था। यह नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता है।”

व्यक्तिगत जीवन और पत्नी की मौत
प्रयाग मांझी की पत्नी जया मांझी भी भाकपा माओवादी संगठन की सक्रिय सदस्य थी। वह संगठन की महिला इकाई में कार्यरत थी और उस पर भी 25 लाख रुपये का इनाम था। कैंसर से पीड़ित जया मांझी को 16 जुलाई, 2024 को धनबाद के एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार किया गया था। इलाज के दौरान 21 सितंबर, 2024 को रांची के रिम्स अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।



