Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

बोरे बासी तिहार… विभिन्न जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और एसपी ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कासे की बटकी में लिया बोरे बासी का स्वाद…

बोरे बासी तिहार

विभिन्न जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और एसपी ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कासे की बटकी में लिया बोरे बासी का स्वाद

सक्ती। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सीधे साधे श्रमिकों और किसानों का मान बढ़ाने के लिए मजदूर दिवस के दिन लोगों से बोरे-बासी खाने की अपील की है। जिसके तहत आज नवगठित सक्ती जिले के कलेक्टर कार्यालय परिसर में विभिन्न जनप्रतिनिधि, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक एम आर आहिरे सहित अधिकारी कर्मचारियों ने कासे की बटकी में छत्तीसगढ़िया संस्कृति के प्रमुख आहार बोरे बासी के साथ आम की चटनी, टमाटर की चटनी, मिर्ची, प्याज, अचार, आलू की सब्जी आदि का स्वाद लिया। इस अवसर पर गिरधर जायसवाल, पिंटू ठाकुर, पार्षद महबूब खान सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी शामिल हुवे। इसी प्रकार जिले के अन्य विभिन्न स्थलों पर भी बोरे बासी तिहार का आयोजन किया गया।

See also  सड़क सुरक्षा संबंधी जन जागरूकता कार्यक्रमों का हो आयोजन: मुख्य सचिव जैन, प्रत्येक माह जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के निर्देश...

बोरे-बासी प्रदेश की जीवनशैली का है अहम हिस्सा

Advertisment

तेज धूप और गर्मी में जब छत्तीसगढ़ का मेहनतकश श्रमिक और किसान खाने के लिए गमछा बिछाकर अपना डिब्बा खोलता है, तो उसमें पताल चटनी, गोंदली के साथ बोरे बासी जरुर देखने को मिलता है। पोषक तत्वों से भरपूर इस बोरे बासी से वैसे तो लोग परीचित थे पर इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की अहम भूमिका छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निभाई है। बासी के साथ आम तौर पर भाजी खाया जाता है। पोषक मूल्यों के लिहाज से भाजी में लौह तत्व प्रचुर मात्रा में विद्यमान रहते हैं। इसके अलावा बासी के साथ दही या मही सेवन किया जाता है। जिसमें बड़ी मात्रा में कैल्शियम रहता है। इसके सेवन के फायदों को देखते हुए धीरे-धीरे ये देश-विदेश में भी लोकप्रिय हो रहा है। बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग भी बड़े चाव से बोरे बासी खाना पंसद करते हैं। बोरे-बासी यहां की जीवनशैली का एक अहम हिस्सा है।

See also  पाकिस्तान पर एक और बड़ा एक्शन लिया भारत ने, बिना हथियार चलाए खून के आंसू रो रहा पड़ोसी...

बोरे बासी में ताजा बने चावल (भात) की अपेक्षा करीब 60 फीसदी ज्यादा होती है कैलोरी

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बोरे बासी का शोध अमेरिका में भी किया जा चुका है। वहां इसका अंग्रेजी नाम होल नाइट वाटर सोकिंग राइस रखा है। शोध में यह पाया गया है कि बोरे बासी में ताजा बने चावल (भात) की अपेक्षा इसमें करीब 60 फीसदी कैलोरी ज्यादा होती है। इसके अलावा कई शोधों में यह पाया गया है कि बोरे बासी में विटामिन बी 12 की प्रचुर मात्रा के साथ आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम भी भरपूर होती है। बोरे बासी ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने का भी काम करता है।

See also  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माणाधीन और प्रस्तावित राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!