अमरजीत भगत का बड़ा बयान: “आदिवासियों से दूरी कांग्रेस की हार की वजह बनी, BJP भी वही गलती दोहरा रही”

सरगुजा : अमरजीत भगत ने अंबिकापुर में बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान आदिवासी समाज और पार्टी के बीच दूरी बढ़ गई थी, जिसका नुकसान कांग्रेस को सत्ता गंवाकर उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भी आदिवासी समाज और सत्ता के बीच वैसा ही “गैप” बनता दिखाई दे रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत ने कहा कि सरगुजा और बस्तर के आदिवासियों की अनदेखी करने वाली कोई भी पार्टी लंबे समय तक सत्ता में नहीं टिक सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में आदिवासियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और जल, जंगल, जमीन जैसे मुद्दों पर चिंता बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब आदिवासी समाज में खुशी का माहौल था। खुद उन्होंने भी मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी, लेकिन अब आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। भगत ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं बदली तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।
अमरजीत भगत का यह बयान उस समय आया, जब आदिवासी परिषद द्वारा सरकार के खिलाफ आंदोलन और रणनीति बनाने की चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और आदिवासी समाज के बीच बढ़ती दूरी को समय रहते खत्म करना जरूरी है।
इसी दौरान भगत ने संगठनात्मक मुद्दों पर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने बस्तर से नेतृत्व को मौका दिया, उसी तरह अब सरगुजा क्षेत्र से भी प्रदेश नेतृत्व को अवसर मिलना चाहिए। उनका मानना है कि भाजपा ने सरगुजा से मुख्यमंत्री देकर राजनीतिक संदेश दिया है, इसलिए कांग्रेस को भी इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए।



