ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा पंजीयन एवं सत्यापन के लिए किसानों से पैसे लेते हुए वीडियो हो रही जमकर वायरल…

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा पंजीयन एवं सत्यापन के लिए किसानों से पैसे लेते हुए वीडियो हो रही जमकर वायरल
किसानों द्वारा कलेक्टर,एसडीएम एवं कृषि उप संचालक से हुई शिकायत ,उठी कार्रवाई की मांग

सक्ति-जैजैपुर। शासन एवं प्रशासन के कड़ी कार्रवाई के अभाव में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के द्वारा खुलेआम धान बिक्री पंजीयन और गिरदावली अर्थात किसानों के खेतों में धान फसल दिखाना के नाम से पैसे की लेनदेन हो रही है। पैसे देते किसान और पैसा लेते ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का वीडियो आजकल सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। जब गांव के किसानों को पता चला कि यह कार्य सरकार के द्वारा करवाई जा रही है ।और पूर्णता निशुल्क है। तो किसानो ने अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं और जिसकी लिखित शिकायत जिले के मुखिया कलेक्टर महोदया से करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग लिए हैं।
गौरतलब है कि नवीन जिला सक्ती के विकासखंड जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मल्दा में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दुर्गा सिंह द्वारा किसानों से धान खरीदी पंजीयन एवं संसोधन के नाम पर 300 रु से 500 रु प्रत्येक किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। किसानों द्वारा इसका विरोध करने पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दुर्गा सिंह द्वारा किसानों को पंजीयन एवं सत्यापन नही करने की धमकी दी जाती थी। इसको मजबूरन घुस दिया जाता था। इस प्रकार से खुलेआम ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा घुस का मांग किया जाता था और किसान भाई अपने आपको ठगा महसूस करते आ रहें हैं ।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र से रहते हैं नदारद
मल्दा गांव के किसानों ने बताया कि हमारे गांव की ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हमेशा अपने कार्य क्षेत्र से नदारद रहती हैं। जब इनको अपने ऑफिसियल काम रहेगा तभी गांव में आती है अन्यथा किसी भी किसान को ये पता ही नही चलता कि हमारे गांव में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का आगमन हुआ है।गांव के किसानों को जब भी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से काम पड़ता था तो वो स्वयं मल्दा नही आती थी बल्कि किसानों को जैजैपुर बुलाती थी।और अपने आपको एक कलेक्टर से कम नही समझती थी।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के नदारद रहने से किसानों को सरकारी योजनाओं का नही मिल पाता है लाभ
जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत मल्दा में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के हमेशा अपने कार्य क्षेत्र से नदारद रहने के कारण क्षेत्र के किसानों को कृषि विभाग सम्बंधित योजनाओं का लाभ नही मिल पाता है।ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी किसानों के प्रति कितने जिम्मेदार हैं।
सरकार की छबि धूमिल कर रहे हैं कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी
एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार अपनी ढिंढोरा पिटती है कि हम हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं और किसानों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं भारत देश में सबसे अधिक धान का मूल्य दे रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है जिस तरह छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है उस तरह से किसानों को सम्पूर्ण लाभ नही मिल रहा है और घुस जैसे शोषण का सामना भी करना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार को इसका परिणाम भी भुगतना भी पड़ सकता है। चूंकि ये किसानों का प्रदेश है। सरकार को चाहिए कि ऐसे कर्मचारियों को तत्काल कार्रवाई कर किसान हितैषी सरकार का उदाहरण देना चाहिए। बहरहाल देखना होगा कि इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार उक्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है या फिर किसानों की हितैषी बताने वाली छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से घुस लेने वाली अधिकारी को खुला छूट देती है।
उक्त वीडियो के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है और मैं अभी अम्बिकापुर में हूँ।आपसे आकर सच्चाई बताती हूँ।
दुर्गा सिंह
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी
मल्दा वि. ख. जैजैपुर



