छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
सरस्वती शिशु मन्दिर सिऊंड में बच्चों ने देखा और समझा आदित्य एल 1 की लाइव लॉन्चिंग…

सरस्वती शिशु मन्दिर सिऊंड में बच्चों ने देखा और समझा आदित्य एल 1 की लाइव लॉन्चिंग
जांजगीर-चांपा। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब दुनिया की नजर आदित्य-एल1 मिशन पर है, जिसे मद्देनजर रखते हुए और उसे समर्थन करते हुए प्रोत्साहित करने हेतु सरस्वती शिशु मन्दिर सिऊंड ने भी बच्चों को आदित्य एल 1 की लांचिंग दिखाई गई।
सर्वप्रथम आदित्य एल1 के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सुखनंदन दास (युवा समाज सेवी) ने बताया कि भारत का महत्वाकांक्षी सौर मिशन आदित्य एल-1 सौर कोरोना (सूर्य के वायुमंडल का सबसे बाहरी भाग) की बनावट और इसके तपने की प्रक्रिया, इसके तापमान, सौर विस्फोट और सौर तूफान के कारण और उत्पत्ति, कोरोना और कोरोनल लूप प्लाज्मा की बनावट, वेग और घनत्व, कोरोना के चुंबकीय क्षेत्र की माप, कोरोनल मास इजेक्शन (सूरज में होने वाले सबसे शक्तिशाली विस्फोट जो सीधे पृथ्वी की ओर आते हैं) की उत्पत्ति, विकास और गति, सौर हवाएं और अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन करेगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश कुमार राठौर ने सूर्य का अध्ययन जरूरी क्यों है इसे बताते हुए कहा कि सूर्य निकटतम तारा है और इसलिए अन्य तारों की तुलना में इसका अधिक विस्तार से अध्ययन किया जा सकता है। इसरो के मुताबिक, सूर्य का अध्ययन करके हम अपनी आकाशगंगा के तारों के साथ-साथ कई अन्य आकाशगंगाओं के तारों के बारे में भी बहुत कुछ जान सकते हैं। सूर्य एक अत्यंत गतिशील तारा है जो हम जो देखते हैं उससे कहीं अधिक फैला हुआ है। इसमें कई विस्फोटकारी घटनाएं होती हैं इसके साथ ही सौर मंडल में भारी मात्रा में ऊर्जा भी छोड़ता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र छात्राओं समेत विद्यालय के शिक्षक सखाराम साहू, दुर्गेश यादव, अंशुमान धीवर, रामेश्वर प्रसाद, शिक्षिका सोनी साहू, चंचल राठौर, शारदा राठौर, गीता साहू, निधि कर्ष, अनिता श्रीवास उपस्थित रहे।



