Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

SK Care Hospital: गरीबों के मुफ्त इलाज में गड़बड़ी? SK केयर हॉस्पिटल पर एक साल का प्रतिबंध, आयुष्मान पंजीयन निरस्त

रायपुर। राजधानी के लक्ष्मी नगर स्थित एसके केयर हॉस्पिटल पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गंभीर अनियमितताओं के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निरस्त कर दिया है। इस अवधि में अस्पताल योजना के अंतर्गत कोई नया मरीज भर्ती नहीं कर सकेगा। साथ ही परिसर से योजना से संबंधित सभी प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

औचक निरीक्षण में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

राज्य स्तरीय जांच दल ने 30 सितंबर 2026 को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों से दवाइयों और अन्य चिकित्सा सामग्रियों के लिए अलग से नकद राशि वसूलने का मामला सामने आया। शशि नायक और पुष्पा पटेल के मामलों में अतिरिक्त राशि वसूले जाने की पुष्टि हुई।

See also  विधायक ब्यास कश्यप ने किया सी.सी. रोड का भूमिपूजन...

अस्पताल के एम्पेनमेंट में 22 चिकित्सकों के नाम दर्ज थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल तीन एमबीबीएस डॉक्टर ही मौजूद मिले। इसके अलावा एक्यूट किडनी इंजरी (AKI), एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस और निमोनिया जैसे मामलों में अधिक महंगे पैकेज बुक किए जाने की बात सामने आई। डिस्चार्ज मरीजों की टीएमएस में अपलोड फाइलों का फार्मेसी और लैब रिकॉर्ड से सत्यापन करने पर संबंधित दवाइयों और जांचों के रिकॉर्ड भी नहीं मिले।

फिस्टुला के मरीज के नाम पर निमोनिया का पैकेज

Advertisment

जांच में एक अन्य लाभार्थी ने बताया कि वह एजेंट निर्मल यादव के माध्यम से अस्पताल पहुंचा था और उसने अतिरिक्त राशि भी दी थी। मरीज को फिस्टुला का इलाज करवाना था, लेकिन अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत निमोनिया का पैकेज बुक कर दस्तावेज तैयार किए गए। जांच एजेंसी ने इसे योजना के संभावित दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता के रूप में लिया।

See also  तेज रफ्तार डम्फर ने एक्टिवा सवार को कुचला, मौत...

अस्पताल के जवाब को जांच एजेंसी ने नहीं माना

11 अक्टूबर 2026 को अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में अस्पताल ने 14 अक्टूबर को ई-मेल के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया .अस्पताल ने दावा किया कि मरीजों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है, डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और मरीजों का सही निदान किया जाता है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी को सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ी समस्या बताया गया।

वहीं, फिस्टुला के मामले में अस्पताल ने कहा कि निमोनिया का इलाज आयुष्मान योजना के तहत किया गया था, जबकि फिस्टुला का इलाज अलग से किया गया, क्योंकि उसके लिए योजना में पैकेज उपलब्ध नहीं था। हालांकि, जांच एजेंसी ने अस्पताल के जवाब को तथ्यात्मक और समाधानकारक नहीं माना। मरीजों के बयान, मेडिकल फाइलों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त नकद वसूली, एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने और योजना के दुरुपयोग की पुष्टि होने की बात कही गई।

See also  विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया राजेश्री महन्त ने, भगवान शिव की आराधना से मिलता है मनोवांछित फल...

एक साल तक आयुष्मान योजना के तहत नहीं कर सकेगा इलाज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के जुलाई 2026 के दिशानिर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत अस्पताल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निरस्त किया गया है। इस दौरान अस्पताल आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा। योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि वसूलने या नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि यदि कोई अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगता है, तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से तत्काल करें।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!