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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

एरियर्स के नाम पर करोड़ों रुपए फर्जी बिल का भुगतान! तीन साल बाद भी नही हो रही कार्यवाही, जांच में सिद्ध होने के बावजूद दोषी अधिकारी कर्मचारी को राज्य सरकार दे रही सँरक्षण, नवीन जिला सक्ती के विकास खण्ड जैजैपुर का मामला…

एरियर्स के नाम पर करोड़ों रुपए फर्जी बिल का भुगतान! तीन साल बाद भी नही हो रही कार्यवाही

जांच में सिद्ध होने के बावजूद दोषी अधिकारी कर्मचारी को राज्य सरकार दे रही सँरक्षण

मुख्यमंत्री भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान हसौद प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री जी ने कार्यवाही का दिया था आश्वासन

नवीन जिला सक्ती के विकास खण्ड जैजैपुर का मामला

सक्ति। विकासखंड जैजैपुर में एरियर्स राशि में करोड़ों रुपए का फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी लेकिन जांच तो हुई और शिकायत सही भी पाया गया परन्तु अब तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई।
जिला प्रशासन ने शिक्षकों को जिला पंचायत सीईओ के द्वारा बिना गणना करवाए करोड़ों रुपए सीधे शिक्षकों के बैंक खाते में भारी भरकम रकम भेज दिए। जैसे ही कुछ शिक्षक को जो वास्तव में एरियर्स की राशि मिलनी थी उसे आज तक नहीं मिला लेकिन जिन्होंने कमीशन के लालच दलालों को भनक पड़ी तो वे कूद बैठे और मोटी रकम लेकर एरियर्स बांट दिए। जिसकी शिकायत हुए तीन वर्ष पूरा हो गए लेकिन आज पर्यंत तक पूर्ण रूप से जांच हो गई है। परन्तु दोषी अधिकारी कर्मचारी पर कार्यवाही करने के लिए राज्य सरकार के विभागीय उच्च अधिकारी की हाथ कांप रहे है जांच अधिकारियों ने बताया कि हमने शिकायत की जांच किये है और आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित विभाग को सौप दिया गया है जितना हमारे काम था हमने कर चुके है बाकी आगे की कार्यवाही उच्च अधिकारीयो की होती है अब ऐसा लग रहा है कि फाइल दबती नजर आ रही है शिक्षकों की सर्विस बुक की गणना किया गया है जिसमे शिकायत सही पाया गया है और सिद्ध भी हो चुका है । क्योंकि गणना के आधार पर एरियर्स की राशि का हिसाब हुआ है। जो जांच में आ चुके हैं लेकिन एरियर्स की जांच के बाद भी कार्रवाई करने से अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। जांच के पंद्रह दिन बाद भी प्रतिवेदन मंत्रालय की अधिकारी को सौप चुके है। आपको बता दें कि तीन वर्ष पूर्व जैजैपुर के शिक्षकों द्वारा एरियर्स घोटाला किया था। शिक्षकों के खाते में लाखों रुपए डाले गए थे। इसकी जांच की मांग कर शिकायत की गई थी लेकिन पहले तो इसे दो साल तक टाला गया। शिकायतकर्ताओं के बहुत जोर देने पर जांच हुई जांच अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन शैक्षणिक जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती को जांच रिपोर्ट भी सौप दी है, परंतु जिला पंचायत सीईओ से उन शिक्षकों के नाम की सूची न मिलने से कार्रवाई में बाधा आ रही थी
शिक्षा विभाग में लगभग 22 करोड़ रुपए की राशि का उपयोग एरियर्स फंड के रुप में यह कहकर दुरुपयोग किया गया है। विदित हो कि पहले ये शिक्षाकर्मी जनपद पंचायत के कर्मचारी कहलाते थे इसलिए उनके वेतन आदि का आहरण जनपद और जिले से होता था। जिले से करोड़ों की राशि पहले जनपद में आनी थी फिर शिक्षकों को मिलनी थी। लेकिन कुछ रसूखदार धाकड़ दलाल ने जिला के शिक्षा मद के अधिकारियों से साठगांठ कर राशि सीधे शिक्षको के खाते में स्थानांतरित करवा लिया। जनपद में आने पर जनपद वालों को भी हिस्सा देना होगा और शायद इस घोटाले में जिला पंचायत स्तर से ब्लाक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी संलिप्त है।

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वर्जन
मंत्रालय रायपुर से जांच टीम गठित किया गया था और रायपुर से अधिकारी आकर शिकायत की जांच भी किया गया है आगे की कार्यवाही उच्च अधिकारी ही बता पाएंगे
-बीएल खरे, डीईओ सक्ती

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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