Jharkhand Exam Irregularities: रांची में परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस ने दिया समर्थन; न्याय को बताया प्राथमिकता

रांची। झारखंड में राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। बुधवार को विरोध प्रदर्शन के 13वें दिन राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने खुले तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के झारखंड प्रभारी के. राजू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कहा कि उनकी पार्टी राज्य में पेपर लीक के खिलाफ लड़ रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके लिए न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात
के. राजू के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के ठोस समाधान के लिए एक मंत्रिमंडलीय समिति गठित करने के फैसले पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद जताया। इसके अतिरिक्त, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय व प्रांतीय नेता भी रांची पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त कर चुके हैं।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग यह विशाल आंदोलन बीते 25 जुलाई से ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ था, जो अब राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन चुका है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए। इसके साथ ही, इस भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से कराई जाए।
आयोग में व्यापक सुधार की आवश्यकता छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक जाता है। वे JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में संपूर्ण और पारदर्शी सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर पूरी तरह विराम लग सके।



