Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगी नई रफ्तार: बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही, ई-साक्ष्य और अवैध प्रवासियों के सत्यापन पर विशेष जोर, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए तकनीक के 100% उपयोग के निर्देश

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने पुलिसिंग को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। 4 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान आईजी ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही, ई-साक्ष्य, समन-वारंट की मॉनिटरिंग और नागरिक सत्यापन जैसे विषयों पर विस्तार से समीक्षा की।

गूगल शीट से होगी समन और वारंट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

आईजी ने निर्देश दिए कि अब न्यायालयीन समन और वारंट की तामिली की निगरानी गूगल शीट के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक थाना में पदस्थ कोर्ट आरक्षक समन और वारंट की स्थिति, तामिली या अदम तामिली के कारण तथा गवाहों की उपस्थिति संबंधी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेंगे। इससे अनावश्यक पत्राचार समाप्त होगा और लंबित मामलों की निगरानी आसान होगी।

Advertisment

व्हाट्सएप के जरिए भी होगा ई-समन की तामिली

See also  आपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र को दिल्ली लेकर  निकले पूर्व सैनिकों का फोर लेन चौक में हुआ स्वागत...

बैठक में बताया गया कि नई अधिसूचना के अनुसार अब ई-समन व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजा जा सकेगा। यदि संबंधित व्यक्ति द्वारा “OK” संदेश भेजा जाता है, तो उसका स्क्रीनशॉट वैध प्रमाण माना जाएगा। आईजी ने नए जिलों में डेटा मैपिंग की तकनीकी समस्याओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क और लैट-लॉन्ग अपलोड संबंधी दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी गवाही

न्यायालयीन प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालयों से अनुरोध किया जाएगा कि समन जारी करते समय ही यह स्पष्ट किया जाए कि गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी या न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक होगी।

See also  जिले के अलग-अलग जगहों से 60 मोडिफाइड सायलेंसर एवं 02 नग प्रेसर हार्न जप्त किया गया...

ई-साक्ष्य और ‘आइडियल CCTNS थाना’ की पहल

आईजी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत तलाशी, जब्ती और गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। प्रत्येक जिले में एक थाना ‘आइडियल CCTNS थाना’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विवेचक स्वयं सभी ऑनलाइन प्रविष्टियां करेंगे और डिजिटल रिकॉर्ड संधारित करेंगे।

अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों का होगा नियमित सत्यापन

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समाधान ऐप के माध्यम से अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों का नियमित सत्यापन अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। सभी जिलों को इस संबंध में साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज कार्यालय को भेजनी होगी।

See also  खरीफ के लिए किसानों को मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की न हो दिक्कत, सोसायटियों से किसानों को खाद-बीज का लगातार वितरण जारी, खाद-बीज के भंडारण और वितरण में लापरवाही बरतने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाही, डी.ए.पी. खाद की मांग और सप्लाई पर रखें विशेष निगरानी...

संपत्ति अपराधों की जांच होगी और मजबूत

आईजी ने बाइक चोरी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों में एफआईआर दर्ज करते समय इंजन और चेसिस नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित डिजिटल डेटाबेस को अद्यतन किया जा सके और चोरी के वाहनों का पता लगाने में आसानी हो।

तकनीक से बढ़ेगी पुलिसिंग की गुणवत्ता

बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि पुलिसिंग में पारदर्शिता, डिजिटल प्रगति और लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने टीम भावना से कार्य करते हुए प्रत्येक डिजिटल मॉड्यूल में शत-प्रतिशत गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि तकनीक के अधिकतम उपयोग से पुलिसिंग की गुणवत्ता बेहतर होगी, न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और थानों में लंबित मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!