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दुर्ग कलेक्टर का राज्यपाल रमेन डेका ने किया सम्मान

दुर्ग ,08दिसंबर। भारत सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास के लिए गठित सशस्त्र बल ध्वज दिवस कोष में दुर्ग जिले की जिला प्रशासन की सक्रियता और उच्च योगदान को देखते हुए जिले को सम्मानित किया गया।

दुर्ग जिला प्रशासन ने इस वर्ष कोष में अधिक राशि संग्रहण कर जमा की, जिससे शहीद जांबाज सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति नागरिक एकजुटता और सम्मान का प्रतीक प्रस्तुत हुआ।

इस सम्मान समारोह का आयोजन 7 दिसम्बर 2025 को किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह को गवर्नर ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर जिले की इस उपलब्धि को सम्मानित किया। इस अवसर पर सशस्त्र सेना झंडा दिवस के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया।

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सशस्त्र बल ध्वज दिवस का मुख्य उद्देश्य सैनिकों, विशेषकर शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कोष में राशि संग्रहित करना और उनके सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है।

दुर्ग जिले की प्रशासनिक टीम ने इस वर्ष इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और कोष में अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक योगदान सुनिश्चित किया।

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राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की कद्र करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के कार्यक्रम नागरिकों को शहीद सैनिकों के बलिदान और उनकी सेवाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि दुर्ग जिले की प्रशासनिक टीम और नागरिकों की सहभागिता से ही यह उपलब्धि संभव हुई। उन्होंने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सशस्त्र बल ध्वज दिवस कोष में योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में इस तरह के सामाजिक और राष्ट्रहित कार्यों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान में होने वाले इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में न सिर्फ एकजुटता का संदेश देते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत करते हैं।

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दुर्ग जिले की इस उपलब्धि को अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। इस प्रकार के प्रयासों से केवल कोष में वित्तीय योगदान नहीं बढ़ता, बल्कि समाज में सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान और आदर की भावना भी जागृत होती है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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