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Chhattisgarh Venomous Snakes: छत्तीसगढ़ के जंगलों में रहते हैं देश के सबसे खतरनाक सांप, जानिए कौन-सी प्रजातियां हैं सबसे ज्यादा विषैली और कैसे करें बचाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। राज्य के बस्तर, जशपुर, सरगुजा, कबीरधाम, गरियाबंद, कांकेर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे वन क्षेत्रों में सांपों की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ प्रजातियां बेहद विषैली हैं, जबकि कई सांप पूरी तरह गैर-विषैले होते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में खेतों, जंगलों, नदी-नालों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।

जशपुर का फरसाबहार क्षेत्र क्यों माना जाता है खास?

जशपुर जिले का फरसाबहार और उसके आसपास का इलाका लंबे समय से सांपों की अधिक मौजूदगी के लिए जाना जाता है। घने जंगल, प्राकृतिक जल स्रोत और अनुकूल वातावरण के कारण यहां विभिन्न प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। स्थानीय लोग इसे “नागों का इलाका” भी कहते हैं, हालांकि यह एक पारंपरिक मान्यता है और इसकी वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले प्रमुख विषैले सांप

1. इंडियन कोबरा (Indian Cobra)

इंडियन कोबरा, जिसे आमतौर पर नाग कहा जाता है, भारत के सबसे प्रसिद्ध विषैले सांपों में शामिल है। खतरा महसूस होने पर यह फन फैलाकर चेतावनी देता है। इसका जहर तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और इलाज में देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

2. कॉमन करैत (Common Krait)

करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है। यह अधिकतर रात में सक्रिय रहता है और कई बार घरों, खेतों तथा ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच जाता है। इसके काटने पर शुरुआती दर्द कम महसूस हो सकता है, लेकिन विष तेजी से शरीर पर असर करता है।

3. रसेल वाइपर (Russell’s Viper)

रसेल वाइपर भारत के “बिग फोर” विषैले सांपों में शामिल है। यह खेतों, घास वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों में पाया जाता है। इसके विष का असर रक्त और शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है, इसलिए तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है।

4. किंग कोबरा (King Cobra)

किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषैला सांप माना जाता है। यह मुख्य रूप से घने जंगलों में पाया जाता है और दूसरे सांपों का शिकार करता है। यह आमतौर पर इंसानों से दूर रहना पसंद करता है और तभी हमला करता है जब उसे खतरा महसूस हो।

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गैर-विषैले लेकिन बड़े आकार के सांप

5. इंडियन रॉक पाइथन (अजगर)

अजगर विषैला नहीं होता, लेकिन यह अपने मजबूत शरीर से शिकार को जकड़कर मारता है। छत्तीसगढ़ के जंगलों, दलदली क्षेत्रों और नदी किनारे इसकी मौजूदगी देखी जाती है। यह सामान्यतः इंसानों पर हमला नहीं करता।

6. धामन (Rat Snake)

धामन भारत के सबसे उपयोगी सांपों में से एक माना जाता है। यह विषैला नहीं होता और खेतों में चूहों की संख्या नियंत्रित करने में मदद करता है। कई बार लोग इसे नाग समझ लेते हैं, जबकि यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होता।

क्या हर रंगीन सांप जहरीला होता है?

नहीं। कई लोग लाल, पीले या काले रंग के सांपों को देखकर उन्हें अत्यधिक विषैला मान लेते हैं, जबकि केवल रंग देखकर किसी सांप की पहचान नहीं की जा सकती। इसलिए किसी भी सांप को छूने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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सांप काटने पर क्या करें?

  • घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें।
  • प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं।
  • तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
  • झाड़-फूंक, चीरा लगाने या जहर चूसने जैसी गलत विधियों से बचें।
  • यदि संभव हो तो सांप की पहचान सुरक्षित दूरी से करें, लेकिन उसे पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले?

मानसून के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप बाहर निकल आते हैं। इसी कारण वे खेतों, घरों, गोदामों, लकड़ी के ढेर, झाड़ियों और जलभराव वाले इलाकों में दिखाई देने लगते हैं। इसलिए बरसात के दिनों में रात के समय टॉर्च का उपयोग करना, ऊंचे जूते पहनना और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है।

पर्यावरण के लिए भी जरूरी हैं सांप

विशेषज्ञों के अनुसार सांप प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये चूहों और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करते हैं, जिससे किसानों को भी लाभ मिलता है। इसलिए सांप दिखने पर उन्हें मारने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प मित्र को सूचना देना सबसे बेहतर विकल्प है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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