Durg Guest Teachers Protest: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले के बाहर अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन जारी, सड़क पर बिताई रात

दुर्ग। प्रदेशभर से आए हजारों अतिथि शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दुर्ग में आंदोलन कर रहे हैं। नियमितीकरण, संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित सरकारी निवास का घेराव करने की कोशिश की।
हालांकि, मंत्री निवास की ओर बढ़ रहे शिक्षकों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पहले ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और रात वहीं बिताई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमितीकरण, संविलियन, समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
इससे पहले भी अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम खून से पत्र लिखते हुए इच्छामृत्यु की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकती, तो उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार भी नहीं मिल रहा है।
आंदोलन के 20 दिन पूरे होने के बाद अब शिक्षकों ने सीधे शिक्षा मंत्री के निवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। इस बीच दुर्ग पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विद्यामितान और अतिथि शिक्षकों के मामले में जो भी उचित होगा, सरकार वही निर्णय लेगी।
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें:
- नियमितीकरण
- संविलियन
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- सेवा सुरक्षा और अन्य कर्मचारियों के समान अधिकार
शिक्षकों का कहना है कि सरकार से कई बार मांग करने और खून से पत्र लिखने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।



