छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर
“नवाजतन” नवाचार से मिली शिक्षा को नई दिशा, FLN में शत-प्रतिशत दक्षता

जांजगीर-चांपा। शासकीय प्राथमिक शाला सोंठी में शिक्षिका ममता जायसवाल द्वारा शुरू किए गए “नवाजतन नवाचार” ने शाला की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। इस नवाचार के 6 सूत्रीय क्रियान्वयन से शाला के कक्षा तीसरी के सभी छात्र फाउंडेशनल लर्निंग एंड न्यूमरेसी FLN में शत-प्रतिशत दक्ष हो गए हैं। एफएलएन सह नवाजतन कार्यक्रम के तहत शिक्षिका द्वारा अपनाए गए 6 बिंदु छात्रों के लिये कारगर साबित हुआ। बच्चें खुद से इस नवाचार पर काम करने लगे जिसका सार्थक परिणाम मिला है। ममता जायसवाल ने बताया कि इसमें मुख्य रूप से बच्चों को स्वयं से सीखने के लिए प्रेरित किया गया वे इस पर काम भी किये। इसके बाद उन्हें और अधिक सीखने के लिए कई चुनौती दी जाती है। विषय मित्र के तहत पियर लर्निंग में कुछ बच्चों का अलग अलग समूह बनाकर उन्हें खुद सीखने दिया जाता है ग्रुप लर्निंग में भी उन्हें सीखने सिखाने प्रेरित किया जाता है। इससे तेज बच्चे कमजोर बच्चों को पढ़ाते है पियर लर्निंग और ग्रुप लर्निंग में बच्चें उत्साह से काम करते है। उन्होंने बताया कि इस नवाचार में बच्चों की जो जिज्ञासा होती है उसका सम्मान कर उन्हें प्रेरित किया जाता है जिससे उनमें और अधिक जानने की जिज्ञासा बढ़ती है। इस नवाचार में तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। सीखने के लिए खेल खेल आधारित गतिविधियों को किया जाता है । मोबाइल के माध्यम से कहानी व गणित के वीडियो देखते है। इस नवाचार में सेल्फी विथ सक्सेस भी काफी कारगर होता है। जो बच्चें अच्छा काम करते है उनके साथ सेल्फी लेकर और प्रोत्साहित किया जाता है। जिससे दूसरे बच्चों में भी प्रभाव पड़ता है और वे स्वयं प्रेरित हो जाते है। उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है। ममता का कहना है कि नवाजतन एक अनुकरणीय मॉडल है जो छात्रों के लिए काफी लाभदायक है।
नवाजतन के 6 सूत्र
1. स्व-प्रेरणा
2. स्व-चुनौती
3. विषय मित्र
4. जिज्ञासा सम्मान
5. टेक्नोलॉजी
6. सेल्फी विथ सक्सेस


