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सड़क निर्माण की मांग पर उग्र हुए ग्रामीण, 3 जुलाई को मुख्य मार्ग पर चक्का जाम का ऐलान

0 तीन दिन से आमरण अनशन जारी, प्रशासन पर उपेक्षा और आंदोलनकारियों को परेशान करने के आरोप!
 
जांजगीर-पामगढ़। ग्राम डोंगाकोहरौद में सड़क निर्माण की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले तीन दिनों से ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पामगढ़–शिवरीनारायण–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर मांग पूरी होने तक चक्का जाम करने की घोषणा कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अनशन शुरू होने के बाद भी प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने नहीं पहुंचा। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जबकि गांव के लोग वर्षों से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि खराब सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है और बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके अनुसार अनशन स्थल की बिजली बार-बार काटी जा रही है और आमरण अनशन पर बैठे लोगों के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे आंदोलनकारियों और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि सड़क निर्माण को लेकर ठोस आश्वासन या कार्रवाई नहीं होती है तो 3 जुलाई से शुरू होने वाला चक्का जाम अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इसके चलते पामगढ़, शिवरीनारायण और बिलासपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर जांजगीर-चांपा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पामगढ़ तथा थाना प्रभारी पामगढ़ को लिखित सूचना देकर प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दे दी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन करेंगे, लेकिन जब तक उनकी वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक पीछे नहीं हटेंगे।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत नहीं होती है, तो क्षेत्र के प्रमुख मार्ग पर होने वाला चक्का जाम आमजन के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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