शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मूट कोर्ट का सफल आयोजन, विधि विद्यार्थियों ने दिखाई कानूनी प्रतिभा

जांजगीर-चांपा स्थित शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विधि विभाग द्वारा मूट कोर्ट (काल्पनिक न्यायालय) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विधि के छात्र-छात्राओं को न्यायालयीन कार्यवाही का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा उनकी वकालत, तर्क-वितर्क और कानूनी अनुसंधान क्षमता का विकास करना था।
मूट कोर्ट का विषय NDPS Act पर आधारित रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से प्रभावशाली दलीलें प्रस्तुत कीं। न्यायालय की वास्तविक कार्यवाही का मंचन करते हुए गवाहों की जिरह, साक्ष्यों का विश्लेषण और विधिक प्रावधानों की प्रभावी प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन सहायक प्राध्यापक डॉ. अभय सिन्हा एवं विधि विभागाध्यक्ष डॉ. आभा सिन्हा के निर्देशन में किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को भविष्य में एक सक्षम विधि विशेषज्ञ बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. आर. लहरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल सहित अन्य अतिथियों ने भी सहभागिता की और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
मूट कोर्ट में ग्रुप “सी” के विद्यार्थियों ने न्यायाधीश, लोक अभियोजक, बचाव पक्ष अधिवक्ता, आरोपी, पुलिस अधिकारी, गवाह, कोर्ट मैनेजर, स्टेनो, मुंसिफ सहित विभिन्न भूमिकाओं का प्रभावशाली निर्वहन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दी गईं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।



