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CG News:- एक नशा… और बिखर जाता है पूरा परिवार !एसएसपी रजनेश सिंह ने छेड़ी युवाओं को बचाने की जंग, बिलासपुर में शुरू हुआ 10 दिन का नशा मुक्ति अभियान

CG News:-किसी मां ने बेटे को अफसर बनाने का सपना देखा होता है, किसी पिता ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई बच्चों के भविष्य पर लगा दी होती है। लेकिन जब वही बेटा नशे की गिरफ्त में चला जाता है, तो सिर्फ एक जिंदगी नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपने बिखर जाते हैं। इसी दर्दनाक सच को समाज के सामने लाने और युवाओं को नशे की दलदल से बचाने के लिए बिलासपुर में नशे के खिलाफ पुलिस ने सख्त और संवेदनशील अभियान शुरू किया है।एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में नशा मुक्ति सप्ताह 17 से 27 जून तक चलाया जा रहा है।पुलिस टीम स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर युवाओं को जागरूक कर रही है।नशे के दुष्परिणामों को समझाते हुए इसके सामाजिक और पारिवारिक नुकसान बताए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर सही दिशा देना है। “नशा नहीं, जिंदगी चुनिए” के संदेश के साथ जनजागरण किया जा रहा है। इस मुहिम को समाज में बदलाव की एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

बिलासपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। लोगों को समझाया जा रहा है कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे इंसान की पहचान, आत्मविश्वास, शिक्षा और भविष्य को खत्म करने वाला जहर है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं होता, इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। यही वजह है कि इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।

नशा सिर्फ आदत नहीं, सपनों का हत्यारा

अक्सर नशे की शुरुआत मजाक, शौक या दोस्तों के दबाव से होती है। लेकिन धीरे-धीरे यही आदत जिंदगी पर भारी पड़ने लगती है। पढ़ाई छूट जाती है, करियर बिखर जाता है और आत्मविश्वास खत्म होने लगता है।

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बिलासपुर पुलिस अपने जागरूकता कार्यक्रमों में युवाओं को समझा रही है कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि नई परेशानियों की शुरुआत है। संघर्षों से भागना नहीं, बल्कि उनका सामना करना ही जीवन का सही रास्ता है।

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सबसे ज्यादा दर्द झेलता है परिवार

नशे की लत सिर्फ उस व्यक्ति को नहीं तोड़ती जो इसका शिकार होता है, बल्कि पूरा परिवार इसकी कीमत चुकाता है। माता-पिता मानसिक तनाव, सामाजिक तानों और आर्थिक बोझ से गुजरते हैं। कई परिवार अपनी जमा पूंजी बच्चों के इलाज और सुधार में खर्च कर देते हैं। रिश्तों में दूरियां बढ़ जाती हैं और घर का माहौल बदल जाता है। अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि बच्चों के व्यवहार में बदलाव को समय रहते पहचानना और उनसे संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।

अपराध और हादसों की तरफ धकेल देता है नशा

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नशे की लत कई बार युवाओं को अपराध की दुनिया की ओर ले जाती है। नशे की हालत में निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है और कई बार चोरी, हिंसा, मारपीट, सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाएं सामने आती हैं।

कई परिवार अपने बच्चों को नशे और उससे जुड़े अपराधों में खो चुके हैं। युवाओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि सफलता का रास्ता मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से बनता है, किसी नशे से नहीं।

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सोशल मीडिया से युवाओं तक पहुंच रहा संदेश

बिलासपुर पुलिस इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। वीडियो, रील और जागरूकता संदेशों के जरिए युवाओं तक सीधा संदेश पहुंचाया जा रहा है।

अभियान का मुख्य संदेश है — “नशे को नहीं, जिंदगी को चुनिए।” पुलिस का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कम समय में अधिक युवाओं तक पहुंचा जा सकता है।

“एक परिवार भी बचा तो अभियान सफल”

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ यह सिर्फ पुलिस का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। परिवार, शिक्षक, सामाजिक संगठन और युवा यदि मिलकर काम करें तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि इस अभियान के माध्यम से एक भी युवा नशे से दूर होता है और एक भी परिवार टूटने से बच जाता है, तो यह प्रयास सफल माना जाएगा।क्योंकि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार के सपनों को खत्म कर देता है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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