Politics News : भाजपा में बड़े बदलाव के संकेत, कोर कमेटी में बदलाव से बढ़ी सियासी हलचल, बृजमोहन बोले- मुझे कोई किनारे नहीं कर सकता

रायपुर : रायपुर में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति और कोर कमेटी की बैठक के बीच पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बयान भी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वे सक्रिय राजनीति में हैं, तब तक उन्हें कोई किनारे नहीं कर सकता और न ही उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा सकता है।
कोर कमेटी में बदलाव से बढ़ी सियासी हलचल
भाजपा की नई कोर कमेटी में मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को शामिल किया गया है। वहीं कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक से दूरी ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पुन्नूलाल मोहले, रामविचार नेताम और विक्रम उसेंडी जैसे नेता बैठक में नजर नहीं आए। प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि भी कर दी है। इसके बाद संगठन और सरकार दोनों में बदलाव की चर्चाएं खुलकर सामने आने लगी हैं।
ई-रिक्शा में पहुंचे भाजपा नेता
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। भाजपा के कुछ नेता ई-रिक्शा में बैठक स्थल पहुंचे, जबकि पीछे से उनका काफिला गुजरता नजर आया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उन्होंने भी अपने कारकेड में कटौती की है और भविष्य में ई-वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
संगठन से लेकर मंत्रिमंडल तक बदलाव की चर्चा
भाजपा के भीतर अब सिर्फ संगठन ही नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका मिल सकता है। पार्टी महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन पर भी फोकस कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में लता उसेंडी, रेणुका सिंह, भावना बोहरा और पुरंदर मिश्रा जैसे नामों की चर्चा हो रही है। वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
2028 चुनाव की रणनीति पर भाजपा का फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने में जुट गई है। पार्टी नेतृत्व संगठन में नई ऊर्जा और नए चेहरों के जरिए भविष्य की रणनीति तैयार कर रहा है।



