बेलगाम हुईं Cement कंपनियां, छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बेकाबू, मनमानी पर सरकार का नियंत्रण क्यों नहीं

Cement companies : छत्तीसगढ़ में सीमेंट कंपनियों ने एक बार फिर कीमतों में बढ़ोतरी कर निर्माण क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियों द्वारा करीब ₹30 प्रति बोरी तक दाम बढ़ाए जाने के बाद अब रिटेल बाजार में सीमेंट ₹300 से ₹350 प्रति बोरी तक बिक रहा है। वहीं थोक बाजार में कीमतें ₹260 से ₹340 तक पहुंच गई हैं। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
Cement companies : सबसे ज्यादा असर सरकारी परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले नॉन-ट्रेड सीमेंट पर देखा जा रहा है। जो सीमेंट पहले करीब ₹310 प्रति बोरी मिल रहा था, उसकी कीमत अब ₹340 तक पहुंच गई है। इससे सरकारी निर्माण कार्यों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की लागत तेजी से बढ़ने लगी है।
प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाए रेट


व्यापारियों का कहना है कि कंपनियों ने कीमत बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। बाजार से जुड़े लोगों का दावा है कि यह बढ़ोतरी मुनाफा बढ़ाने और बाजार नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
GST कटौती से पहले राज्यों में सीमेंट के दाम (22 सितंबर 2025 से पहले)

GST कटौती के बाद राज्यों में सीमेंट रेट
राज्यों की तुलना में क्या सामने आया?
GST कटौती के बाद मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा राहत देखने को मिली।
महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्ट लागत और अधिक डिमांड के कारण कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ में उत्पादन अधिक होने के बावजूद हालिया बढ़ोतरी ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
GST घटने के बाद भी क्यों नहीं मिली राहत?
केंद्र सरकार ने 22 सितंबर 2025 में सीमेंट पर GST दर 28% से घटाकर 18% कर दी थी। उम्मीद थी कि इससे निर्माण लागत कम होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन 2026 में हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रांसपोर्ट लागत, सप्लाई नियंत्रण और कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति के कारण GST कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया।
कार्टेलाइजेशन के आरोपों से गरमाया बाजार
स्थानीय व्यापारियों और उद्योग विशेषज्ञों ने सीमेंट कंपनियों पर कार्टेल बनाकर सप्लाई नियंत्रित करने और कृत्रिम तरीके से दाम बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी पहले इस मुद्दे को उठा चुके हैं। राज्य सरकार ने पिछले साल कंपनियों के साथ बैठक कर बिना सूचना कीमतें न बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद कई बार रेट बढ़ चुके हैं।
दूसरे राज्यों से महंगा पड़ा छत्तीसगढ़
सरकारी ठेकेदारों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में बनने वाला नॉन-ट्रेड सीमेंट दूसरे राज्यों में यहां से करीब ₹40 सस्ता बेचा जा रहा है। इससे राज्य में सड़क, भवन और पुल निर्माण परियोजनाओं की लागत बढ़ रही है।
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रूपेश सिंघल का कहना है कि लगातार महंगी हो रही निर्माण सामग्री अब इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम
कारोबारियों के अनुसार आने वाले समय में सीमेंट की कीमतों में ₹20 से ₹30 प्रति बोरी तक और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो रियल एस्टेट बाजार, छोटे बिल्डर्स और आम लोगों के लिए घर बनाना और मुश्किल हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमेंट कंपनियों की कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में निर्माण लागत और बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर सरकारी विकास परियोजनाओं और रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा।



