US-Israel Iran War: ट्रंप का बड़ा बयान— नेतन्याहू से सहमति के बाद ही खत्म होगा युद्ध, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध का आज दसवां दिन है। पिछले नौ दिनों में भारी तबाही देखने को मिली है और अमेरिका, ईरान व इजरायल के बीच सैन्य कार्रवाई के साथ बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने का फैसला इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ सहमति से ही लिया जाएगा।
इधर ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। देश की सर्वोच्च धार्मिक संस्था के सदस्यों ने रविवार को कहा कि उन्हें निर्णायक मतदान के जरिए यह जिम्मेदारी दी गई है। संस्था ने नागरिकों से इस कठिन समय में नए नेतृत्व का समर्थन करने की अपील की है।
भारत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संसद में बयान देने वाले हैं। सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उनका बयान 9 मार्च को लोकसभा में सूचीबद्ध किया गया है।
सऊदी अरब में एक आवासीय परिसर पर हुए मिसाइल हमले को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में किसी भी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई है। हालांकि एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है और उसका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है। वहीं सऊदी अधिकारियों ने बताया कि हमले में एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह अरब देशों पर हमले जारी रखता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी ओर इजरायल ने मध्य ईरान में कई ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है और बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ढांचे को निशाना बनाने की बात कही है।
इस बीच बहरीन के सिट्रा क्षेत्र में स्थित बापको तेल रिफाइनरी के आसपास धुआं देखा गया। इससे पहले सरकार ने कहा था कि ईरानी ड्रोन हमले के कारण वहां कुछ नुकसान और चोटें आई हैं।
युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा है कि सरकार मध्य पूर्व संघर्ष के कारण पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कदमों पर विचार कर रही है। वहीं जापान की विपक्षी पार्टी के नेता ने सुझाव दिया है कि ऊर्जा संकट से निपटने के लिए देश के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए।
सऊदी अरब में भारतीय समुदाय को लेकर भी भारत सरकार सक्रिय है। वहां भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से डिजिटल माध्यम से बातचीत कर भरोसा दिलाया है कि दूतावास जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।



