Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

बेमेतरा-बीजापुर: धान खरीदी में गड़बड़ी! किसानों में नाराजगी, सरकारी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न…

बेमेतरा : राज्य के कृषि प्रधान जिले बेमेतरा में धान खरीदी केंद्रों पर मिलावट और गुणवत्ता की अनियमितताएं सामने आई हैं। ग्राम गाड़ाडीह उपार्जन केंद्र में जिला प्रशासन की टीम ने जांच के दौरान 5 स्टैक मोटा धान का नमूना लिया, जिसमें पुराना धान और अमानक श्रेणी का नया धान मिश्रित पाया गया। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर कुल 10,000 बोरे धान को अस्थायी रूप से जब्त कर उनके परिवहन पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी उपार्जन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

See also  166 महतारी सदन की मिली स्वीकृति, 25 सौ वर्गफुट में बनेगा महतारी सदन, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन

धान की गुणवत्ता में भारी कमी
जांच के दौरान पाया गया कि उपार्जन केंद्र में धान की नमी अधिक, टूटन और मिट्टी तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थ मौजूद थे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र पर धान की गुणवत्ता मानकों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। जांच टीम का अनुमान है कि इस अनियमितता से शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है और किसानों की मेहनत पर भी असर पड़ सकता है।

बीजापुर में धान उठाव की समस्या
बीजापुर जिले में भी स्थिति गंभीर है। जिले के 30 उपार्जन केंद्रों में केवल 1,084 मीट्रिक टन धान का उठाव हुआ है, जबकि 48,842 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। यह कुल खरीदी का केवल 2.22 प्रतिशत है। कर्मचारी संघ का कहना है कि जिला विपणन विभाग की सुस्ती और लापरवाही के कारण उपार्जन केंद्रों में धान का भारी जाम लग गया है। केंद्रों में बारदाना और खुले प्लेटफार्म भर जाने के कारण नए किसानों का धान लेने में बाधा आ रही है।

See also  टिकट मिलते ही देर शाम बालेश्वर साहू ने मंदिरों में किए दर्शन, कार्यकर्ताओं के साथ की चर्चा, लोगों से मिले...

कर्मचारी संघ की चेतावनी
सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर जिला विपणन अधिकारी द्वारा समय पर धान का उठाव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 9 जनवरी से खरीदी बंद करनी पड़ेगी। संघ का कहना है कि लंबे समय तक धान केंद्रों में पड़े रहने से उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!