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अंडों में छुपा जहर बढ़ा रहा कैंसर का खतरा! कैसे पहचानें किसमें है Nitrofurans एंटीबायोटिक

हाल ही में FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने देश के अलग- अलग हिस्सों से अंडों की जांच के लिए सैंपल मांगे हैं. ये इसलिए किया गया है क्योंकि संस्था को यह शिकायत मिली थी कि कुछ पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों पर Nitrofurans का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एक तरह की एंटीबायोटिक दवाएं हैं जो मुर्गियों में तेज ग्रोथ और संक्रमण को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती है, हालांकि भारत में यह बैन है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इनका यूज हो रहा है.

Nitrofurans अगर मुर्गियों को दिया जाता है तो इनमें मौजूद केमिकल उनके अंडों में भी जाते हैं. ऐसे में जो लोग अंडों का सेवन करते हैं उनके लिए अंडे खाना सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है.

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Nitrofurans सेहत के लिए कैसे है खतरनाक?
दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ एल. एच घोटेकर बताते हैं कि Nitrofurans ( एंटीबायोटिक दवाएं) के अवशेष शरीर में पहुंचकर DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे कई बीमारियों का खतरा रहता है. इन दवाओं में कई ऐसे केमिकल मौजूद होते हैं जो लिवर और किडनी की सेल्स को खराब करते हैं इससे फैटी लिवर और किडनी की बीमारियां होने का रिस्क रहता है.हालांकि ये खतरा तब होता है जब लंबे समय तक कोई व्यक्ति ऐसे अंडे खाता है जो Nitrofurans की डोज लगी मुर्गी के हों.

डॉ घोटेकर कहते हैं कि Nitrofurans कई सालों से बैन हैं क्योंकि जिन जानवरों में इन दवाओं के इंजेक्शन लगते थे उनमें ज्यादा ग्रोथ भी देखी गई थी. जांच में यह भी पाया गया कि ये दवाएं इंसानी शरीर के लिए घातक हैं. ऐसे में भारत समेत कई देशों में इसको बैन किया गया था, लेकिन कुछ मामलों में हो सकता है कि पॉल्ट्री फॉर्म में इन प्रतिबंधित दवाओं का यूज किया जा रहा हो, ऐसे में FSSAI ने एकदम सही कदम उठाया है क्योंकि अगर इन दवाओं का यूज बड़े पैमाने पर हुआ तो यह इंसानी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है.

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क्या कैंसर होने का रिस्क भी है?
Nitrofurans वाले अंडे खाने से एक दो या महीनेभर खाने से कैंसर का रिस्क नहीं है. ऐसा तब होता है जब कोई व्यक्ति सालों से ऐसे अंडों को खा रहा हो. ये दवाएं जब लंबे समय तक शरीर में जाता है तो यह आंतों की सेल्स को नुकसान करता है. वहां इंफ्लेमेशन होता है और कुछ मामलों में सेल्स तेजी से बढ़ सकती हैं जो बाद में कैंसर का कारण बनती है.

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आम लोग कैसे करें पहचान की Nitrofurans वाला अंडा है या नहीं?
डॉ. घोटेकर कहते हैं कि घर पर देखकर या केवल अंडों को खाकर इस दवा की पहचान मुश्किल है. ऐसा इसलिए क्योंकि रंग, स्वाद या गंध से इसका पता नहीं चलता है. ऐसा भी नहीं है कि आप अंडों को अच्छे से उबाल लेंगे तो ये खत्म हो जाएगा. यह केवल लैब टेस्ट से ही पकड़ा जा सकता है. हालांकि कोशिश करें कि हमेशआ FSSAI लाइसेंस प्राप्त दुकानों या ब्रांड्स से अंडे खरीदें.

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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