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10 लाख की सीसी रोड चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट….. ग्राम पंचायत सकर्रा का मामला, संबंधित जिम्मेदार सरपंच सचिव, इंजीनियर कार्यस्थल से नदारद…

10 लाख की सीसी रोड चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट….. ग्राम पंचायत सकर्रा का मामला
संबंधित जिम्मेदार सरपंच सचिव, इंजीनियर कार्यस्थल से नदारद
सक्ति-मालखरौदा। मालखरौदा जनपद के ग्राम पंचायत सकर्रा में 10 लाख सीसी रोड निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया हैं। अनियमितता की जानकारी मिलने कार्यस्थल पर जाकर आक्रोशित ग्रामीणों ने देखा तो सीसी रोड की मोटाई 3 से 4 इंच मिली। जबकि स्टीमेट इंजिनियर ने 8 इंच का दिया है। जिसको लेकर ग्रामीण भड़के हुए हैं। ग्राम पंचायत सकर्रा में 10 लाख रुपये की सीसी रोड निर्माण कार्य किया जा रहा है जहां प्रस्तावित स्थल पर जिम्मेदार व्यक्ति सरपंच सचिव इंजीनियर कार्यस्थल से नदारद है। वही इनके जगह पर ग्राम पंचायत के ठेकेदार स्वरूप गौरीशंकर साहू के द्वारा कार्य कराया जा रहा है। मौके पर पहुंचे आक्रोशित ग्रामीण जनों ने बताया कि सरपंच के दलाल द्वारा सीसी रोड में भारी भ्रष्टाचार करते हुए सड़क की मोटाई 3 से 4 इंच मोटाई का बनाया जा रहा है। सरपंच पति द्वारा खुद बताया गया कि सीसी रोड का मोटाई 8 इंच स्टीमेट में उल्लेख है। वही ग्रामीणों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सरपंच के उपस्थिति में रोड की खुदाई करने पर केवल 3 से 4 इंच मोटा पाया गया बाकी 4 इंच भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। जिस के संबंध में एसडीओ, आर ई एस मालखरौदा, सीईओ एवं संबंधित संबंधित इंजीनियर मरावी को जानकारी दी गई। इस भ्रष्टाचार के मामलें में ग्रामीणों ने सही तरीके से ग्रामीणों के उपस्थिति में निरीक्षण एवं जांच करने के बाद ही भेलवेसन करने को कहा है।
पंचायत के ठेकेदार का कहना है कि संबंधित इंजीनियर, एसडीईओ व अधिकारी बिना कमीशन के नहीं करते भुगतान
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के छूट भईया नेता गौरी शंकर साहू द्वारा ग्रामीणों से कहा जा रहा है की संबंधित इंजीनियर एसडीओ एवं सीईओ बिना कमीशन के भुगतान नही करतें है। जिसके कारण 8 इंच सड़क बनाना संभव नहीं है। 3 इंच 4 इंच बना रोड को इंजीनियर द्वारा मूल्यांकन एवं एसडीईओ द्वारा सत्यापन करना ही पड़ेगा नहीं करेंगे तो आका का फोन आने पर तुरंत करेंगे। ग्रामीणों के पास कहा जा रहा था कि 3 से 4 इंच रोड बनाने से कोई डर नहीं रहा है रोड ऐसे ही बनता है तभी तो सभी को कमीशन देते है।इस तरग पंचायत के दलाल से स्पष्ट हो रहा है कि सभी अधिकारी भी भ्रष्टाचार में संलिप्त है। जिस बात की धमकी ग्रामीणों को देते हुए मुंह बंद करने की कोशिश किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार में राशि की कटौती होते हुए कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में उच्च अधिकारी के पास किया जाएगा शिकायत
उक्त सीसी रोड के संबंध में 26 जून को लिखित शिकायत आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा किया गया जिसके बावजूद सीसी रोड निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार में नियमानुसार राशि में कटौती नहीं करने पर उच्च सक्षम अधिकारियों के पास शिकायत किया जाएगा। ऐसे भी सितंबर 2023 में आचार संहिता लगने के बाद ग्राम पंचायत सकर्रा का काला चिट्ठा उजागर होगा।
सरपंच की वजह से तत्कालीन सचिव भारी परेशान
सरपंच पदमा बरेठ के साढ़े 3 साल सरपंची कार्यकाल में तत्कालीन सचिव राजेश गवेल पर 75000 का जुर्माना छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग रायपुर द्वारा किया जा चुका है। वही इसी तरह उक्त जुर्माना के आलावा 13 प्रकरण में 28 जून 2023 को जुर्माना और होना तय है। और इनके अलावा जुलाई 2023 में और 3 प्रकरण पर 75000 का जुर्माना होना तय जा रहा है। और 19 प्रकरण के अलावा और 11 प्रकरण छत्तीसगढ़ राज्य आयोग रायपुर में लंबित है उक्त लंबित प्रकरण में भी अपीलीय अधिकारी द्वारा 15 दिवस के अंदर निशुल्क आवेदनों की जानकारी देने को आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश का भी उल्लंघन किया जा चुका है।
आजतक का पहला सरपंच जो उनके सचिव पर 19 प्रकरण पर जुर्माना
बता दें कि ग्राम पंचायत सकर्रा में पहला सरपंच है जो उनके सचिव का 19 प्रकरण पर जुर्माना हो रहा है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना भ्रष्टाचार से संलिप्त हैं। वही सभी भ्रष्टाचार में ग्रामीणों ने ग्राम के दलाल गौरीशंकर साहू की वजह से होने का आरोप लगाया लगा रहें है।
सरपंच ने दे रखा है दलाल को श्रेय
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप में बताया बता रहे है की सरपंच पदमा बरेठ ने एक तरफ तत्कालीन सचिव को नौकरी से हाथ धोने की स्थिति परिस्थिति निर्मित खड़ा कर दिया है वही दूसरी तरफ पंचायत ठेकेदार गौरीशंकर साहू के द्वारा खुद और परिवार के भरण पोषण करने के वजह से पंचायत में अति भ्रष्टाचार कर रहा है। ग्राम पंचायत सकर्रा में एक ही नहीं अनेक भ्रष्टाचार भी किया जा चुका है। वही 5 लाख से अधिक का क्वारनटाइन में हरा मटर सुखा, झुंगा, काबुली चना, सोयाबीन, के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है। इसी प्रकार 75000 से अधिक ग्राम के उपेंद्र चंद्रा के टेंट के नाम से दिया गया। जबकि केवल दो टेंट खाना बनाने के लिए ही लगा था इसी प्रकार महिला स्व सहायता समूह का 6 लाख को 15 वित्त से बनाया गया है। इसी तरह मनरेगा में पुनः फिर आदेश कराकर मस्टरोल जनरेट भी कराया गया था ग्राम के उमाशंकर साहू द्वारा याचिका दर्ज करने पर शासन के 6 लाख को सरपंच पदमा बरेठ और दलाल गौरीशंकर साहू द्वारा भ्रष्टाचार के बली चढ़ते, चढ़ते उमाशंकर साहू द्वारा बचाया गया। ग्रामीणों का सीधे शब्द में में आरोप है कि सरपंच पदमा बरेठ के दलाल गौरी शंकर के नया बीवी के भरण पोषण के लिए ग्राम सकर्रा को विकास के नाम पर विनाश किया अड्डा बनाया है। 6 महीने बाद सहारा करनी उजागर हो जाएगा। वजह एक ही है।
,,सीसी रोड में 8 इंच की स्टीमेट दिया हूँ। 3 और 4 इंच किया जा रहा तो ये भ्रष्टाचार की श्रेणी में आएगा।
ओम प्रकाश मरावी सब इंजिनियर
,,3 या 4 इंच का सड़क बनाना बिलकुल गलत है। जबतक ग्रामीण संतुष्ट नही जाते सत्यापन नही करूंगा।
सुमित राजपूत एसडीईओ
,,ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के उपस्थिति में सही जांच कराई जाएगी। तबतक भुगतान रोका जाएगा। गलत पायें जाने पर उचित कार्रवाई करतें हुए की गई अनियमितता में राशि की कटौती की जाएगी।
एस.एस. पोयाम सीईओ मालखरौदा



