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छत्तीसगढ़ में बनेगी आधुनिक विज्ञान की नई पहचान: साइंस सिटी, एआई गैलरी और साइंस पार्क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक, राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन की तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने की, जिसमें विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए उन्हें तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में रायपुर में प्रस्तावित साइंस सिटी, रीजनल साइंस सेंटर, अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गैलरी तथा राज्य के विभिन्न जिलों में विकसित किए जाने वाले साइंस पार्कों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को आधुनिक, इंटरैक्टिव और अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

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रायपुर में होगा राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन

समीक्षा बैठक में वर्ष 2026-27 के दौरान रायपुर में आयोजित होने वाले 22वें अखिल भारतीय विज्ञान संग्रहालय एवं विज्ञान केंद्र प्रमुख सम्मेलन की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
प्रमुख सचिव ने सम्मेलन की सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि एनसीएसएम के साथ जल्द संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित कर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर सफल और प्रभावी बन सके।

गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर

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बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने स्पष्ट कहा कि विज्ञान अधोसंरचना से जुड़ी सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित जनजागरूकता, नवाचार तथा एसटीईएम (STEM) शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी पहल सुनिश्चित की जाए।

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उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान केंद्रों और एआई आधारित सुविधाओं के विकसित होने से राज्य के विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

 

वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने की सहभागिता

बैठक में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) तथा रीजनल साइंस सेंटर (RCS), रायपुर के वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राज्य सरकार का मानना है कि विज्ञान आधारित आधुनिक अधोसंरचना के विकास से न केवल शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी, बल्कि युवाओं में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल का भी व्यापक विकास होगा।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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