“सरकारी अफसर” CGPSC परीक्षा पर आधारित छत्तीसगढ़ी में बनी वेब सीरीज

NV Entertainment यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ पहला एपिसोड
देशभर में वेब सीरीज के प्रचलन बढ़ने के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी वेब सीरीज बन रही है, हाल ही में बहुचर्चित छत्तीसगढ़ी गाना “सोन मछरी” की निर्माता नीरा वर्मा के प्रोडक्शन N.V. Entertainment से एक वेब सीरीज “सरकारी अफसर : मंज़िल नहीं शुरुवात हे” का पहला एपिसोड यूट्यूब पर रिलीज हुआ है, हाल ही में सोशल मीडिया में इसके पोस्टर्स को यूथ के द्वारा काफी पसन्द किया जा रहा है।
बिलासपुर के गांधी चौक की है कहानी
यह वेब सीरीज छत्तीसगढ़ की सबसे प्रचलित परीक्षा सीजीपीएससी (CGPSC) पर आधारित एक कहानी है, जिसमे बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ का मुखर्जी नगर कहे जाने वाले “गांधी चौक” में हर साल हज़ारो की तादाद में आने वाले एस्पिरेंट्स की कहानी है, इस वेब सीरीज में CGPSC तैयारी कर रहे 4 अलग अलग किरदारों की कहानी है, जिसमे मुख्य भूमिका में फूफू के नाम से प्रसिद्ध और हंडा , दस्तावेज जैसी छत्तीसगढ़ी फ़िल्मो में प्रमुख भूमिका निभाने वाले “अनिल सिन्हा” नजर आयेंगे, अनिल के अलावा हाल ही में आयी फ़िल्म “यादव जी के मधु जी” की लीड स्टार कांकेर की वैष्णवी जैन, इसके अलावा डार्लिंग प्यार झुकता नहीं, नोनी के अनहोनी जैसी फ़िल्मो में काम कर चुके अमन सागर, हर्षवर्धन पटनायक और छत्तीसगढ़ी सिनेमा के चर्चित चेहरे क्रांति दीक्षित, सुरेश गोंडले, विक्रम राज जैसे मँझे हुए कलाकार भी अलग अलग भूमिका में नजर आयेंगे।

इस वेब सीरीज का प्रोडक्शन इनसाइड मी ओरिजनल्स की टीम ने किया है, और निर्देशन TVF की टीम में 20 से अधिक वेब सीरीज में काम कर चुके साईं भरथ ने किया है, पाँच एपिसोड की इस वेब सीरीज में पहला एपिसोड 13 जून और बाक़ी एपिसोड साप्ताहिक/धारावाहिक की तरह NV Entertainment चैनल पर आयेंगे।
स्टोरी
यह अखिलेश और सुमन की कहानी है, जो सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझते हुए अपने सपनों को हासिल करने की कोशिश करते हैं। अखिलेश एक साधारण किसान का बेटा है, उसके पिता उसे सरकारी नौकरी दिलाना चाहते हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद अखिलेश अपने लक्ष्यों की तलाश में बिलासपुर चला जाता है। यहाँ उसकी मुलाकात प्रीतम और रवि से होती है, जो पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। दोनों उसके दोस्त और गुरु बन जाते हैं। बिलासपुर में एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लेने पर अखिलेश की मुलाकात सुमन से होती है, जो एक अनाथ लड़की है जो खुद को साबित करने के लिए अपने दत्तक परिवार के तानों और कठोर व्यवहार से लड़ती है। समय के साथ अखिलेश और सुमन का रिश्ता गहरा होता जाता है और वे एक-दूसरे के सपनों और संघर्षों का हिस्सा बन जाते हैं। यह कहानी सिर्फ़ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में नहीं है, बल्कि यह आत्म-खोज, दोस्ती, प्यार और आत्मनिर्भरता की एक दिल को छू लेने वाली यात्रा भी है। प्रत्येक पात्र अपने व्यक्तिगत संघर्षों से निपटते हुए खुद का एक बेहतर संस्करण बनने का प्रयास करता है, जो दर्शकों के बीच साहस और प्रेरणा को प्रेरित करता है।



