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उच्च अधिकारीयो के निर्देश पर नियम विरुद्ध स्कूल का किया गया समायोजन  मामला अकलतरा के कुँवर भुवन स्कूल एवं कन्या शाला का

विकास खण्ड स्तरीय दल के अध्यक्ष है अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) अकलतरा 
 
अकलतरा। नगर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्कूल कुंवर भुवन भास्कर और कन्या शाला को मर्ज किये जाने के खिलाफ स्व सहायता समूह की महिलाओ के साथ अकलतरा नगर पालिका के पार्षद राजकुमार सिंह, धनराज सिंह, विजय खांडेल, दारा मिश्रा,और उपाध्यक्ष दिवाकर राणा ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अकलतरा को आवेदन देकर नियम विरुद्ध मर्ज किये पर रोक लगाने कहा है साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर यह रोका नहीं गया तो इसके खिलाफ घेराव और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि नगर की ऐतिहासिक धरोहर कुंवर भुवन भास्कर स्कूल की स्थापना 1919 में की गई थी और कालांतर में इस स्कूल का नाम अकलतरा के दो बार के विधायक रहे कुंवर भुवन भास्कर के नाम पर रखा गया। स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन के लिए युक्तियुक्तकरण नीति अपनाई जा रही है। इसी नीति के तहत कन्या शाला प्राथमिक विद्यालय का मर्ज कुंवर भुवन भास्कर स्कूल में किया जा रहा है और कुंवर भुवन भास्कर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मर्ज कन्या शाला में किया जा रहा है। इस नीति के तहत कुछ नियम के तहत ही किसी स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज किया जा सकता है।
किस स्थिति में मर्ज किया जा सकता है 
किसी स्कूल को मर्ज करने के लिए उस स्कूल की दूरी 500 मीटर से अधिक और स्कूल का अलग से भवन नहीं होने पर स्कूल दूसरे स्कूल में मर्ज किया जा सकता है लेकिन कुंवर भुवन भास्कर स्कूल का परिसर और भवन दोनों ही अलग-अलग हैं और सबसे मुख्य बात कि कुंवर भुवन भास्कर प्राथमिक विद्यालय में 55 छात्राएं पढ़ रही है वहीं इसी स्कूल के दूसरे परिसर में संचालित मिडिल स्कूल में 81 विद्यार्थी है और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 104 विद्यार्थी विद्या अध्ययन कर रहे हैं और ये सभी अकलतरा के गरीब तबके के है। युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शहरी क्षेत्रों में किसी स्कूल में जब दर्ज संख्या 30 से कम और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज संख्या 10 से कम हो तभी स्कूल को मर्ज किया जा सकता है लेकिन उपर कुंवर भुवन भास्कर स्कूल की अच्छी खासी संख्या जिम्मेदार अधिकारियो की नीयत की ओर शक की सूई घूमा रहीं हैं।
 
क्या दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मर्ज किया जायेगा 
कुंवर भुवन भास्कर स्कूल और कन्या शाला के सभी स्कूलों में अलग-अलग मध्यान्ह भोजन बन रहा है, अलग सफाई कर्मचारी हैं कहने का मतलब है कि दोनों ही स्कूलों में दैनिक वेतनभोगी वर्षों से काम कर रहे हैं तो क्या इन स्कूलों के कर्मचारियों को भी दूसरे स्कूल में मर्ज किया जायेगा क्योंकि लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों का घर इस स्कूल के वेतन पर 50 फीसदी तो निर्भर जरूर है तो क्या शासन इन कर्मचारी को बेरोजगारी कर देगी या इनका रोजगार यथावत रहेगा।
 
इतनी बड़ी चूक, समिति क्या कर रही थी 
युक्तियुक्तकरण के लिए विकासखण्ड स्तरीय समिति गठित की गई है जिसमें एसडीएम, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, स्त्रोत समन्वयक और परियोजना अधिकारी होंगे, इसमें एसडीएम अध्यक्ष और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सचिव सदस्य होगा। किसी स्कूल को मर्ज करने इन पांच सदस्यीय टीम नियमानुसार परीक्षण कर प्रस्ताव देगी तब किसी को मर्ज किया जा सकेगा लेकिन इन पांच सदस्यीय टीम में किसी भी अधिकारी सदस्य को कुंवर भुवन भास्कर स्कूल की इतनी बड़ी संख्या और उस स्कूल का स्वतंत्र परिसर नजर नहीं आया है। क्या यह समिति सरकार के इशारे पर शिक्षक और स्कूल में समन्वय बिठाने का प्रयास कर रही या इन्हें इतनी बड़ा अंतर समझ नहीं आया फिलहाल इस मर्ज के खिलाफ अकलतरा वासियों ने आवाज उठाई है और जल्द ही इसे वापस नहीं लेने पर बीईओ आफिस का घेराव के साथ धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।
अधिकारीयो के निर्देश में दोनो विद्यालय को मर्ज किया गया है।
 
रत्नमाला सिंह बीइओ अकलतरा
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शिकायत प्राप्त हुई है दोनों विद्यालय का पुनः परीक्षण करने निर्देश दिया गया है
 
 अश्वनी भारद्वाज डीईओ जांजगीर
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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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