Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CBSE Board Exam: ‘डमी स्कूलों’ में पढ़ने वाले छात्रों को सीबीएसई का झटका, 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की नहीं मिलेगी अनुमति…

डमी स्कूलों’ में पढ़ने वाले 12वीं के छात्रों को सीबीएसई बोर्ड ने तगड़ा झटका दिया है. अब ऐसे छात्रों को 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीएसई के एक अधिकारी ने कहा कि ‘डमी स्कूलों’ में पढ़ने वाले 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

सीबीएसई ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली, बेंगलुरु, वाराणसी, बिहार, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 29 स्कूलों में ‘डमी’ छात्रों के नामांकन की जांच के लिए कई औचक निरीक्षण किए थे. इसके बाद उनपर एक्शन लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने डमी एडमिशन को लेकर दिल्ली और राजस्थान के 27 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

See also  नगर पालिका ने कहा हमारी नहीं जिम्मेदारी, हाउसिंग बोर्ड ने झाड़ा पल्ला...

क्या होते हैं डमी स्कूल?

दरअसल, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बहुत से छात्र डमी स्कूलों में दाखिला लेना पसंद करते हैं, ताकि वो सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें. वो क्लास में नहीं जाते और सीधे बोर्ड परीक्षा में बैठ जाते हैं. ऐसे छात्रों के लिए क्लास में उपस्थिति जरूरी नहीं होती.

न्यूनतम अटेंडेंस की शर्त पूरी करना जरूरी

Advertisment

अभी पिछले महीने ही शिक्षा मंत्रालय ने ये साफ कर दिया था कि डमी एडमिशन लेने वाले स्कूलों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा. सीबीएसई का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए रेगुलर स्कूल आना और न्यूनतम अटेंडेंस की शर्त पूरी करना जरूरी है.

See also  रायगढ़-खरसिया एनएच पर हादसा: जीएसटी कर्मचारी की मौत, 3 गंभीर...

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, समय-समय पर स्कूलों को अटेंडेंस संबंधी नियमों का पालन करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं और साथ ही स्कूलों के डेटा का भी विश्लेषण किया जाता है और अगर किसी स्कूल के डेटा में कुछ भी असामान्यता पाई जाती है, तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है. फिर सीबीएसई की टीम द्वारा उस स्कूल का निरीक्षण किया जाता है, जिसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाती है.

देश में डमी एडमिशन एक बड़ी समस्या है. ये देखने में आता है कि 9वीं से ही छात्र स्कूलों में न जाकर इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटरों में जाने लगते हैं. सीबीएसई ने इसी समस्या को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू किए हैं.

See also  CG News : तेज धमाके से भिलाई स्टील प्लांट में मची अफरा-तफरी, जांच के आदेश

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!