छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
जांजगीर में टेंडर विवाद: ठेकेदार संघ ने रक्षित निरीक्षक कार्यालय प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप…

जांजगीर-चांपा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर-चांपा द्वारा लघु निर्माण कार्य (पीसीएंडआर) मद के तहत थाना जांजगीर में महिला विश्राम गृह, टॉयलेट और बाथरूम निर्माण तथा विशेष शाखा कार्यालय भवन के नवीनीकरण कार्य के लिए 18 नवंबर को टेंडर जारी किए गए थे। इन दोनों कार्यों की लागत 15 लाख रुपये और 11 लाख 78 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। टेंडर प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर थी। लेकिन इससे पहले ही टेंडर प्रक्रिया पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ठेकेदार संघ ने रक्षित निरीक्षक कार्यालय प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ठेकेदार संघ के अनुसार, टेंडर के लिए आवश्यक दस्तावेज लेकर जब वे रक्षित निरीक्षक कार्यालय पहुंचे, तो संबंधित अधिकारी ने न तो उन्हें निविदा फॉर्म उपलब्ध कराया और न ही आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी दी। ठेकेदार संघ का कहना है कि इस लापरवाही के कारण वे टेंडर में भाग लेने से वंचित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया गया, जिससे कुछ खास ठेकेदारों को लाभ पहुँच सके।
ठेकेदार संघ ने इस संदर्भ में रक्षित निरीक्षक कार्यालय प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर-चांपा को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः टेंडर जारी करने की मांग की गई है। संघ का आरोप है कि इस तरह की लापरवाही और पक्षपाती व्यवहार से क्षेत्रीय ठेकेदारों के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें टेंडर प्रक्रिया से बाहर रखा जा रहा है।
इस विवाद के चलते जांजगीर में टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पुनः निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी या नहीं। ठेकेदार संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का सम्मान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने जांजगीर-चांपा में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।



