छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
शिवरीनारायण नगर के होटलों की आड़ में हो रहे घिनौना काम, पुलिस विभाग जान कर भी अनजान…

जांजगीर-चांपा। धार्मिक नगरी अपने आप में मशहूर है लेकिन यहां लंबे समय से अनैतिक काम रुक नही रही है नगर में होटल में अनैतिक कार्यों के अड्डे बनते जा रहे हैं। जहां पर खुलेआम जिस्मफरोशी का गंदा खेल हो रहा है। होटल संचालकों और पुलिस विभाग की इतनी सांठगांठ है कि पुलिस कभी भी नगर के होटलों में रेड नही करती और अगर रेड करना भी पड़ गया तो पडऩे से पहले ही होटल संचालकों को सूचना मिल जाती है। होटल संचालकों की ओर से सबसे ज्यादा युवाओं से इसके लिए प्रति घंटे के हिसाब से मोटी रकम ले कर कमरा दे दिया जाता हैं। जहां युवाओं को ज्यादा सहुलियत देने के लिए प्रति घंटे के अतिरिक्त रुपए भी लिए जाते हैं। इन होटलों में अधिकांश स्कूल व कॉलेज स्तर के युवक युवतियां नजर आते हैं।
होटलों के अंदर व बाहर दिनभर लड़के-लड़कियों की भीड़ लगी रहती है। नगर में संचालित कुछ होटल है जहां अनैतिक कार्यों के ठिकाने बनते जा रहे हैं, जो युवक-युवतियों से सुविधा शुल्क के नाम पर अनैतिक कार्य कराने के लिए मोटी रकम भी वसूल रहे हैं। जानकारों की माने तो होटल संचालकों को फूड सेफ्टी के तहत लाइसेंस दिया जाता है, जिसमें वे केवल खाने-पीने की चीजें ही रख सकते हैं। संचालक केबिन बनाकर सुविधाएं नहीं दे सकते हैं।
अनैतिक कार्यों से बदनाम हो रही धार्मिक नगर शिवरीनारायण
नगर के होटलों में पुलिस को गुमराह करने के लिए बकायदा युवक युवतियों की एंट्री होटल के रजिस्टर में की जाती है। जिससे किसी को शक ना हो, लेकिन पुलिस द्वारा क्यों इन होटलों की जांच समय समय नही की जाती यह संदेह के घेरे में है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस सख्ती बरते तो इन अवैध धंधे में लिप्त होटल में होने वाले गंदे काम पर रोक लग सकती है। लेकिन स्थानीय पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहीं न कहीं उन्हें संरक्षण प्राप्त है। तभी तो नगर के होटलों में आज तक कार्यवाही देखनी को नही मिलती नगर में देखा जाए तो पुलिस का कानूनी खौफ अवैध काम करने वालो पर दिखाई ही नही दे रहा है, जिससे नगर में पुलिस विभाग के लिए तरह-तरह की चर्चाएं हैं, अब देखना होगा खबर प्रकाशन के बाद उच्च अधिकारी क्या होटलों पर छापेमारी करवाते हैं या यह इन घिनौना काम करने वालो को आगे भी संरक्षण प्राप्त होता रहेगा।



