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डभरा में संचालित हो रही नियमो के विरुद्ध निजी अस्पताल… कलेक्टर से हुई शिकायत जल्द कार्यवाही की मांग…

डभरा में संचालित हो रही नियमो के विरुद्ध निजी अस्पताल
कलेक्टर से हुई शिकायत जल्द कार्यवाही की मांग…
मालखरौदा। सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने नर्सिंग होम एक्ट लागू किया है। इस एक्ट में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर कार्रवाई का प्रावधान है, मगर इसके बाद भी जिले में बड़ी संख्या में अवैध रूप से क्लीनिक, पैथोलेब व नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत निर्धारित मापदण्डों पर खरा उतरने के बाद ही निजी अस्पताल संचालकों को लाइसेंस जारी किया जाता है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग मरीजों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ साल पहले शासन ने नर्सिंग होम एक्ट लागू किया है, जिसमें ऐसे डॉक्टर ही क्लीनिक संचालन कर सकेंगे जो शासन के गाईड लाइन का पालन करते हों। एक्ट के मापदण्डों के अनुसार जिले में मात्र एमबीबीएस डॉक्टर ही नियम व शर्तो के अनुसार क्लीनिक का संचालन कर सकते हैं। बावजूद इसके एक और दो साल का लैब टेक्निशियन का डिम्लोमा करने वाले भी पैथोलैब चला रहे हैं वहीं कई लोग पैरामेडिकल कोर्स कर ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से क्लीनिकों का संचालन भी कर रहे हैं जबकि इसके लिए वे अधिकृत नहीं है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध रूप से संचालित अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती।
डभरा में लक्ष्मी केयर हॉस्पिटल के नाम से हो रही अवैध अस्पताल संचालित
इसी कणी में हम आपको बता दे की नवीन जिला सक्ती के डभरा में भी नियमो के विरुद्ध बिना नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन के लक्ष्मी केयर हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल संचालित हो रही है जिसमे न तो नर्सिंग होम एक्ट का सही तरीके से पालन किया जा रहा है न बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन किया जा रहा है जिससे साफ साफ पता चलता है किस तरह से जिम्मेदार अधिकारीयो की लापरवाही बरती जा रही है जिससे ब्लाक मुख्यालय डभरा में खुलेआम अवैध रूप से अस्पताल संचालित हो रही है और लोगो के जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है अब देखना होगा कि आखिर कब तक संबंधित अस्पताल में क्या कार्यवाही होती है।
कलेक्टर से शिकायत के बाद भी अभी तक नहीं हुई किसी प्रकार से कार्यवाही
जिले के डभरा में संचालित बिना नर्सिंग होम एक्ट के पंजीकृत अस्पताल लक्ष्मी केयर हॉस्पिटल की शिकायत जिला कलेक्टर सक्ती से लिखित में शिकायत किया गया है बावजूद इसके अभी तक किसी प्रकार से कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। इस तरह से जिले में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते जिले में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।



