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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

फर्जी ऋण पुस्तिका से बैंक से 22 लाख लोन निकालने के मामले में आरोपी पटवारी गिरफ्तार, एचडीएफसी बैंक राजिम से निकाली गई थी लोन की राशि, बिर्रा पुलिस की कार्रवाई…

जांजगीर-चांपा। फर्जी ऋण पुस्तिका जारी करने से बैंक से 22 लाख रुपए लोन निकालने के मामले में पुलिस ने आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, बिर्रा थाना अंतर्गत ग्राम देवरानी निवासी नम्मू लाल पटेल (67) पिता स्व. भोकलो पटेल ने 17 जनवरी 2024 को बिर्रा थाना पहुंच कर एक आवेदन प्रस्तुत किया कि तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर

11 सिलादेही दयाराम साहू निवासी ग्राम तालदेवरी एवं परमानंद पिता किरी राम कर्ष निवासी ग्राम पवनी थाना बिलाईगढ़ द्वारा मिलकर फर्जीवाड़ा कर धोखाधड़ी करने के संबंध में खसरा नंबर 104/02, 334/1, 482/3, 733/4, 756/6, 1045/4,1513/1, 1513/3, 1668/4, 1722/3, 1789/3, 1789/2, 1318/2, 1516/1 जो लगभग 2.5 एकड़ भूमि खेत है, जिसे तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 11 दयाराम साहू एवं उसके सहायक ताराचंद पटेल ने अपराधिक षड्यंत्र कर फर्जी तरीके से इन्हीं खसरा नंबरों की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर तथा ऋण पुस्तिका में राजस्व, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक का सील व हस्ताक्षर कर फर्जी ऋण पुस्तिका आरोपी परमानंद कर्ष के नाम से तैयार कर तत्कालीन पटवारी द्वारा डिज़िटल हस्ताक्षर किया गया है तथा पटवारी द्वारा जानबूझ कर प्रार्थी नम्मू लाल पटेल की पैतृक जमीन को आरोपी परमानंद कर्ष के नाम से आनलाईन तैयार किया गया है। वहीं तीन फ़रवरी 2023 को अपने नेट आईडी में लगभग 12 एकड़ बनाकर ऑनलॉईन से बी-1 एवं अन्य दस्तावेज से परमानंद पिता किरीराम कर्ष उम्र लगभग 42 वर्ष ग्राम पवनी थाना बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़ द्वारा कूट रचित करते हुए 24 मई 2023 को एचडीएफसी बैंक राजिम जिला गरियाबंद से लगभग 22 लाख रूपये का फर्जी दस्तावेज से धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़ा कर लोन लिया  गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बिर्रा में धारा 420, 467, 468, 471, 34, 120बी भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान पता चला कि तत्कालीन हल्का पटवारी दया राम साहू द्वारा अपने डिजिटल हस्ताक्षर से 22 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया है। इसके बाद तत्कालीन पटवारी के विरूद्ध डिजिटल हस्ताक्षर क संबंध में जानकारी के लिए पत्राचार किया गया। जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी दयाराम साहू द्वारा ही आनलाईन हस्ताक्षर करना पाया गया। इस तरह दयाराम साहू अगर डिजिटल हस्ताक्षर नहीं करता तो आरोपी परमानंद कर्ष एचडीएफसी बैंक से लोन नहीं निकाल पाता। इस तरह दयाराम साहू ने अपने सहयोगी ताराचंद पटेल व आरोपी परमानंद कर्ष के साथ मिलकर अपराधिक षड्यंत्र कर इस तरह का कृत्य जानबूझ कर किया है। चूँकि, हल्का पटवारी दयाराम साहू ने लाभ अजित करने के आशय से इस तरह का कृत्य किया है। आरोपी दयाराम साहू पिता बाहरता राम साहू साकिन तालदेवरी के विरुद्ध विवेचना में प्रथम दृष्टया अपराध सबूत पाए जाने से 13 मई 2024 को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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