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कुलापा तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सिंचाई के लिए अधिकारी-कर्मचारी कर रहे निगरानी, मुख्य नहर से पर्याप्त मात्रा में छोड़ा गया पानी, किसानों के खेतों तक सुचारू रूप से पहुंचे इसके लिए विभाग अलर्ट

जांजगीर-बिर्रा। खरीफ फसल की सिंचाई के लिए मुख्य नहर से पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सिंचाई विभाग ने किसानों के खेतों तक पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लगातार फील्ड निरीक्षण कर नहरों में पानी के प्रवाह और जल वितरण व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में नहर विभाग के एसडीओ एसआर देवांगन ने टीम के साथ क्षेत्र का दौरा कर मुख्य नहर एवं शाखा नहरों में पानी के प्रवाह की स्थिति का निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि धान की फसल को जरूरत के समय पानी मिल सके और नहरों के अंतिम छोर तक भी पानी पहुंचाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए नहरों की नियमित निगरानी के साथ जल वितरण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुलापा तोड़ने से बर्बाद होता है पानी
इसी बीच मुख्य नहर और शाखा नहरों में पानी के निकासी एवं नियंत्रण के लिए लगाए गए कुलापा (जल निकासी द्वार) को शरारती तत्वों द्वारा तोड़े जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कुलापा टूटने अथवा उसके साथ छेड़छाड़ किए जाने से बड़ी मात्रा में पानी अनावश्यक रूप से बह जाता है। इसका सीधा असर नहर के आगे के हिस्से में पड़ता है और अंतिम छोर के किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
सिंचाई विभाग का कहना है कि नहरों में पानी सीमित मात्रा में और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार छोड़ा जाता है। ऐसे में किसी स्थान पर कुलापा क्षतिग्रस्त होने से पानी का असंतुलित बहाव होने लगता है, जिससे दूसरे क्षेत्रों में सिंचाई प्रभावित होने की आशंका रहती है।
तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एसडीओ एसआर देवांगन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय नहरों अथवा कुलापा में जानबूझकर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे नहरों एवं जल निकासी द्वारों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाएं और यदि कोई व्यक्ति नहर की व्यवस्था से छेड़छाड़ करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल विभागीय अधिकारियों को दें।
उन्होंने कहा कि नहरों की सुरक्षा और जल वितरण व्यवस्था सुचारू रखना विभाग के साथ-साथ किसानों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। व्यवस्था बनाए रखने से नहर का पानी अधिक से अधिक किसानों के खेतों तक पहुंच सकेगा और खरीफ फसल की सिंचाई समय पर हो सकेगी।
लगातार की जा रही है निगरानी
सिंचाई विभाग की टीम द्वारा नहरों के विभिन्न हिस्सों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा पानी के प्रवाह, कुलापा की स्थिति तथा नहरों में किसी प्रकार की रुकावट की भी जांच की जा रही है। विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।



