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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27: धान खरीदी की तैयारियों में जुटा प्रशासन, जिले के 134 उपार्जन केंद्रों में होंगे पुख्ता इंतजाम
31 अक्टूबर तक किसान पंजीयन पूरा कराने के निर्देश, अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने सीमाओं पर बनेंगे चेकपोस्ट, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने ली समीक्षा बैठक, किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठक व्यवस्था, शौचालय और प्राथमिक उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने कहा

जांजगीर-चांपा, 27 अक्टूबर 2026। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी धान खरीदी समितियों और उपार्जन केंद्रों में शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिले में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के दौरान कुल 102 समितियों के अंतर्गत 134 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जाने हैं। इनमें पांच नवीन उपार्जन केंद्र भी शामिल हैं। इन सभी केंद्रों में खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को शासन द्वारा जारी चेकलिस्ट के अनुसार तैयारियों की समीक्षा करने और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रों में साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा तक के पुख्ता इंतजाम
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने धान उपार्जन केंद्रों में साफ-सफाई, फेंसिंग और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा धान खरीदी के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बायोमेट्रिक उपकरणों की उपलब्धता और उनके सुचारु संचालन की व्यवस्था करने को कहा, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र में शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें। केंद्रों में व्यवस्थाओं की कमी के कारण किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और धान खरीदी का कार्य व्यवस्थित तरीके से संचालित हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
किसानों को मिलेंगी पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं
धान खरीदी के दौरान किसानों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान, साफ-सुथरे शौचालय तथा प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि धान बेचने के लिए केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए संबंधित समितियां और विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सभी व्यवस्थाओं की समय पर जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।
31 अक्टूबर तक पूरा कराएं किसान पंजीयन
बैठक में किसान पंजीयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए 31 अक्टूबर 2026 तक किसान पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। इसके लिए किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र किसानों का पंजीयन समय-सीमा में सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन का उद्देश्य है कि पंजीयन से संबंधित प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाएं, ताकि पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अधिकारियों को इस कार्य में गंभीरता बरतने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अवैध धान परिवहन पर रहेगी कड़ी निगरानी, सीमाओं पर बनेंगे चेकपोस्ट
धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और अवैध धान के परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कलेक्टर ने जिले की सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के दौरान अवैध रूप से धान लाने-ले जाने की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर भी नजर रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने से अवैध धान के परिवहन पर नियंत्रण रखने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करने के निर्देश
कलेक्टर ने समितियों में संचालित पीसीएसएपी पोर्टल पर उपार्जन केंद्रों से संबंधित जानकारी की सटीक प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी सही और अद्यतन होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी शासन के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा खरीदी से जुड़ी तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में धान खरीदी की तैयारियों, केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, किसान पंजीयन, बारदानों की उपलब्धता, तकनीकी व्यवस्थाओं और अवैध धान परिवहन पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह, खाद्य अधिकारी संदीप पाण्डेय, सीसीबी नोडल अमित साहू, डीएम नान मनोज मिंज, अधीक्षक भू-अभिलेख विनय पटेल, लेखाधिकारी मार्कफेड संतोष कुमार वर्मा, मंडी सचिव विवेक जायसवाल, अमर राठौर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



