जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत में कोरोना कॉल के समय 2019-20 अथवा 2021 में जिला पंचायत मुख्यमंत्री सशक्तिकरण योजना डीपीआरसी में गुपचुप तरीके से तथाकथित अधिकारियों द्वारा अपने ही लोगों को कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर भर्ती किया गया है। इस मामले की जांच को लेकर जिला पंचायत सदस्य उमा राजेन्द्र राठौर ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। शिकायत में जिला पंचायत सदस्य ने उल्लेख किया है कि कोई भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले वित्त विभाग में अनुमति ली जाती है। उल्लेखित पदों की भर्ती प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक किया जाता है।लेकिन यहाँ सब कुछ उल्टा हुआ। इस तरह की मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर जांच किया जाय और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाय। मीडिया से चर्चा करते हुए जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि इस मामले की यदि उच्च स्तरीय जांच और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं किया जाता है तो इस मामले की शिकायत राज्य सरकार और केंद सरकार को भी भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह की मामले पर कड़ी कार्यवाही होने से इस तरह की कई और मामले प्रकाश में आ सकती है। इसलिये मामले की जांच के लिए जांच समिति बनाना अति आवश्यक हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समय नियम विरुद्ध भर्ती में चयनित चार कम्प्यूटर ऑपरेटरो में से तीन सक्ति जिले में भेज दिया गया है और एक कंप्यूटर ऑपरेटर स्थानीय जिला पंचायत जांजगीर में ही पदस्थ हैं।