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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

वृंदावन नाव हादसा: 11 की मौत, 4 लापता—यमुना में तेज रेस्क्यू, परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल

मथुरा : मथुरा के वृंदावन में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शनिवार को दूसरे दिन भी यमुना नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जिसमें सेना सहित करीब 250 जवान और गोताखोर जुटे हुए हैं।

घटना के बाद कई दर्दनाक दृश्य सामने आए। देवरहा बाबा घाट के पास से जब एक युवक का शव बरामद हुआ, तो उसे देखकर उसके बुजुर्ग पिता फफक पड़े। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। अधिकारियों के मुताबिक, यमुना का तेज बहाव और नदी में मौजूद गाद व रेत के कारण लापता लोगों की तलाश में कठिनाई आ रही है। संभावना जताई जा रही है कि कुछ शव बहकर दूर चले गए हों या कीचड़ में दब गए हों।

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यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट के पास हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। यह स्थान बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर है। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता तो 40 लोगों की थी, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। यात्रियों को लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई थी। हादसे के समय नदी में करीब 25 फीट गहराई थी। मौके पर मौजूद अन्य नाविकों और पुल की मरम्मत कर रहे लोगों ने कुछ श्रद्धालुओं को बचाया, जिसके बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

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पुलिस ने हादसे के कुछ घंटे बाद आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद वह फरार हो गया था। नाव उसी की थी और उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त तेज हवा चल रही थी, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया। नाविक नियंत्रण नहीं रख सका। यात्रियों ने उसे नाव रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने बात नहीं मानी। पुल के पास नाव कई बार टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टकराने के बाद पलट गई।

यह सभी श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से वृंदावन यात्रा पर आए थे। श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा आयोजित इस यात्रा में करीब 130 लोग शामिल थे। यह चार दिन की धार्मिक यात्रा थी, जो इस दर्दनाक हादसे में बदल गई। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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