Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

सूरजपुर में बेलगाम भ्रष्टाचार, नियुक्ति के नाम पर रिश्वतखोरी का खेल उजागर, दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई, एसीबी ने सहकारी निरीक्षक को रंगे हाथ पकड़ा

सूरजपुर। जिले में रिश्वतखोरी अब अपवाद नहीं बल्कि आम बात बनती जा रही है। सरकारी दफ्तरों में काम के बदले खुलेआम पैसों की मांग हो रही है और अधिकारी-कर्मचारी खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि आए दिन रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं, बावजूद इसके भ्रष्टाचार पर कोई स्थायी लगाम नहीं लग पा रही है।

मंगलवार को उप तहसील कार्यालय जरही में पदस्थ एक बाबू को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रंगे हाथ पकड़ा था। इसके ठीक अगले ही दिन बुधवार को एक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जब नियुक्ति आदेश जारी करने के बदले रिश्वत मांगने वाले सहकारी निरीक्षक को एसीबी ने दबोच लिया। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी है।

See also  ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में 77वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया...

ग्राम करसी, तहसील व थाना प्रतापपुर निवासी 25 वर्षीय शुभम जायसवाल ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की योजना के तहत गठित मां समलेश्वरी बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, टुकुडांड में लेखापाल पद पर संविदा नियुक्ति के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। पात्र सूची में नाम आने, दक्षता परीक्षण और साक्षात्कार पूरा करने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में प्राधिकृत अधिकारी एवं सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी द्वारा पहले 1.50 लाख रुपये की मांग की गई।

शिकायत के सत्यापन के दौरान सौदेबाजी के बाद आरोपी ने 80 हजार रुपये में बात तय की और तत्काल 40 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में देने का दबाव बनाया। 17 दिसंबर की रात करीब 8.25 बजे कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, सूरजपुर के कक्ष क्रमांक-01 में जैसे ही प्रार्थी ने रिश्वती रकम आरोपी को सौंपी, पहले से तैनात एसीबी अंबिकापुर की टीम ने सहकारी निरीक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी ने रकम अपनी जैकेट की जेब में रख ली थी और अगले दिन नियुक्ति आदेश देने का भरोसा दिला रहा था।

See also  अमेरिका में दिल दहला देने वाली घटना! लुइसियाना में पिता ने 8 बच्चों को मारी गोली

जिले में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार को अपना अधिकार समझ बैठे हैं। आमजन और बेरोजगार युवाओं को मजबूरी में रिश्वत देने के लिए दबाया जा रहा है। एक ओर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि दफ्तरों में खुलेआम वसूली चल रही है।

Advertisment

मंगलवार और बुधवार को हुई लगातार एसीबी कार्रवाई ने जरूर संदेश दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल छापे और गिरफ्तारी से भ्रष्टाचार पर अंकुश लग पाएगा? जरूरत इस बात की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई हो, ताकि जिले में फैल चुकी रिश्वतखोरी पर वास्तव में ब्रेक लग सके।

See also  वेदांता प्लांट हादसा: ‘किसकी लापरवाही से गई जान?’—कांग्रेस का तीखा हमला, जांच कमेटी ने मौके पर घेरा सिस्टम,, देखे वीडियो

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!