Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

ट्रंप बोले- जल्द खत्म होगी जंग; तेल की कीमतों पर भी कह दी ये बड़ी बात

वॉशिंगटन, 20 मई। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान हर हाल में अमेरिका के साथ एक समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहा यह युद्ध बहुत ही जल्द खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पूरी दुनिया को राहत देने वाली एक और बड़ी बात कही है। ट्रंप का कहना है कि आने वाले समय में दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद कर रही है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पूरी स्थिति को बहुत ही आसान भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के बाजार में तेल की सप्लाई बहुत ज्यादा है, इसलिए अब इसके दाम तेजी से नीचे गिरेंगे।

See also  बिजली सप्लाई सिस्टम में साइबर अटैक के खतरे से निपटने हुई कार्याशाला, क्रिटिकल इंफर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है पावर कंपनी...

तेल की कीमतों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि ईरान अब इतनी बुरी तरह से एक डील (समझौता) करना चाहता है कि यह युद्ध बहुत जल्द अपनी समाप्ति की ओर बढ़ जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप सभी देखेंगे कि तेल की कीमतें कैसे धड़ाम से नीचे आती हैं। उनकी इस बात से यह साफ हो गया है कि पर्दे के पीछे बातचीत बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही कोई बड़ा और सकारात्मक नतीजा पूरी दुनिया के सामने आ सकता है।

ट्रंप के युद्ध अधिकारों को कैसे सीमित किया गया?
इस बड़े बयान से ठीक पहले, अमेरिका की संसद (सीनेट) में एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला लिया गया। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट ने 50-47 के वोट से एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है जो ईरान में युद्ध करने के मामले में मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकारों पर रोक लगाता है। डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव का सीधा मतलब है कि जब तक संसद से युद्ध की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, राष्ट्रपति अपनी मर्जी से ईरान पर सैन्य हमला नहीं कर सकते। सबसे खास बात यह रही कि सात बार फेल होने के बाद आठवें प्रयास में यह प्रस्ताव पास हुआ, जिसमें ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों (सुसान कोलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की, रैंड पॉल और बिल कैसिडी) ने भी अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर इसका समर्थन किया।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!