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कांग्रेस-भाजपा में टिकट को लेकर मची होड़, अकलतरा विधानसभा में हो सकता है पंचकोणीय मुकाबला, अकलतरा विधानसभा में बसपा,आप ने खोले पत्ते, ऋचा जोगी ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा, कांग्रेस-भाजपा से कई लोग कर रहे दावेदारी…

कांग्रेस-भाजपा में टिकट को लेकर मची होड़
अकलतरा विधानसभा में हो सकता है पंचकोणीय मुकाबला
अकलतरा विधानसभा में बसपा,आप ने खोले पत्ते
ऋचा जोगी ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा
कांग्रेस-भाजपा से कई लोग कर रहे दावेदारी
जांजगीर-चांपा। हर बार अप्रत्याशित परिणाम देने वाले जिले का अकलतरा विधानसभा में इस बार पंचकोणीय मुकाबला का असर नजर आ रहे हैं।लगभग 3 दशक के विधानसभा चुनाव में भाजपा -कांग्रेस के अलावा निर्दलीय व बसपा प्रत्याशी विधायक बनने में सफल रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य गठन उपरांत यह पांचवां विधानसभा चुनाव है। अकलतरा विधानसभा के लिए यह छठवा विधानसभा चुनाव है क्योंकि अकलतरा में एक बार उपचुनाव भी हो चुके हैं। जिसमें भाजपा प्रत्याशी विजय हुए थे। विधानसभा के लिए चुनावी आचार संहिता लगने में बमुश्किल से पखवाड़े भर का समय ही रह गया है। जिसके चलते चुनावी चर्चा पूरे शबाब पर है। अकलतरा विधानसभा के लिए बसपा ने डॉक्टर विनोद शर्मा व आम आदमी पार्टी ने इंजी. आनंदप्रकाश मिरी को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। हाल ही में पिछले चुनाव में बसपा जोगी कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी रहे व पूर्व मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी की अकलतरा विधानसभा में एंट्री होने से राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। इसलिए कुछ दिनों पूर्व अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में उनकी कई बैठकें भी हुई है, शनिवार को अकलतरा में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है। जो राजनीति दृष्टि से चर्चा का विषय बना हुआ। उधर, भाजपा व कांग्रेस से टिकट के कई लोग दावेदारी कर रहे हैं। राज्य में सत्तासीन कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष मंजू सिंह, जिला पंचायत सदस्य व पूर्व उपाध्यक्ष अजीत साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सौरभ सिंह समेत कई नामों की चर्चा हो रही है। इसी तरह भाजपा में वर्तमान विधायक सौरभ सिंह की दावेदारी सबसे मजबूत नजर आ रही है। इनके अलावा पूर्व प्रत्याशी दिनेश सिंह,नन्दकुमार चौधरी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश वैष्णव, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रजनी साहू ,पूर्व जिला पंचायत सदस्य कल्याणी साहू समेत कई लोग टिकट के लिए दावेदारी रहे हैं। अकलतरा विधानसभा का राजनीतिक परिदृश्य देखा जाए,तो मालूम होता है कि वर्ष 1990 में निर्दलीय उम्मीदवार जवाहर दुबे विधायक बनने में सफल रहे हैं। इसी तरह 2008 में बसपा से चुनाव लड़कर सौरभ सिंह विधायक बनकर अपनी एक नई राजनीति पारी की शुरुआत की। आज वह भाजपा से क्षेत्र के विधायक है। इस बार भी भाजपा उन्हें मैदान में उतारने की तैयारी में है। वर्ष 2013 में अकलतरा क्षेत्र का परिणाम फिर बदला। और एकतरफा मुकाबले में कांग्रेस के चुन्नीलाल साहू ने भाजपा के दिनेश सिंह को लगभग 22 हजार के लंबे अंतर से हराकर विधायक बनने में कामयाब हो गए। परन्तु 2018 के विधानसभा चुनाव में फिर राजनीतिक समीकरण बदल गए। वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा के सौरभ सिंह व बसपा, जोगी कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी ऋचा जोगी के मध्य कड़े मुकाबले हुए जिनमें लगभग18 सौ मतों से सौरभ सिंह विजयी रहे। कांग्रेस के चुन्नीलाल साहू लगभग 27 हजार मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। इस तरह कहा जा सकता है कि अकलतरा विधानसभा में पासा कब किस ओर किसको पलटेगा यह कहना संभव नहीं है।इस बार नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होते जा रही है। क्योंकि बसपा ,आमआदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी ने भी पूर्व प्रत्याशी ऋचा जोगी को फिर से मैदान की उतारने की घोषणा से यहां मुकाबला रोचक होने की सम्भावना नजर आ रही है। भाजपा से विधायक सौरभ सिंह को फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। टिकट की दौड़ में कई लोग लगे हैं।
बहरहाल एक बार फिर अकलतरा विधानसभा चुनावी चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है। कांग्रेस, भाजपा, बसपा व आम आदमी पार्टी के साथ ही अब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी से ऋचा जोगी ने चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा से अकलतरा विधानसभा सभा की सियासी समीकरण तेजी से बदल गया है। अब आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण क्या होगा यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी।



