पैतृक जमीन के बंटवारे की रंजिश खूनी संघर्ष में बदली, बड़े भाई पर जानलेवा हमला करने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 26 जुलाई 2026। पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रही पारिवारिक रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खिसोरा में दो सगे भाइयों ने अपने बड़े भाई पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मारपीट के बाद पीड़ित को अपने घर ले जाकर हाथ-पैर बांधकर बंधक भी बना लिया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित को मुक्त कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी संतोष कुमार कश्यप (65 वर्ष) निवासी खिसोरा ने थाना नवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में चारों भाइयों के बीच पैतृक जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन उनके छोटे भाई संतुराम कश्यप (53 वर्ष) और छोटेलाल कश्यप (45 वर्ष) इस बंटवारे को स्वीकार नहीं कर रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के मन में लंबे समय से रंजिश थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे संतोष कुमार अपने दामाद के साथ मोटरसाइकिल से शिवरीनारायण जा रहे थे। रास्ते में दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी छोटेलाल कश्यप ने लकड़ी के डंडे से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के साथ रक्तस्राव होने लगा। वहीं संतुराम कश्यप ने उनका कॉलर पकड़कर जमीन पर गिराया और गला दबाते हुए मुक्कों एवं लातों से बेरहमी से मारपीट की।
पीड़ित किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर भागने लगा, लेकिन दोनों ने दोबारा पकड़कर उसे अपने घर ले गए और साड़ी के कपड़े से उसके हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराया।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 225/2026 के तहत धारा 109 एवं 127(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा बरामद किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नवागढ़ निरीक्षक मणिकांत पांडे एवं थाना स्टाफ की त्वरित एवं प्रभावी भूमिका रही, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की।



