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गौ पालन योजना का मामला गूंजेगा विधानसभा में, विधायक ब्यास कश्यप बोले— हर स्वीकृत प्रकरण की हो जांच, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

जांजगीर-चांपा जिले में गौ पालन योजना में कथित अनियमितताओं पर मानसून सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे विधायक, कहा— पात्र हितग्राहियों का हक नहीं छीना जाने देंगे
जांजगीर-चांपा। जिले में पशुपालन विभाग की गौ पालन योजना में कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े का मामला अब विधानसभा तक पहुंचने जा रहा है। जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने स्पष्ट कहा है कि वे इस पूरे मामले को आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाएंगे और सरकार से विस्तृत जवाब मांगेंगे।
विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से लगातार जानकारी सामने आ रही है कि जिले में गौ पालन योजना के अंतर्गत अपात्र लोगों को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी का लाभ दिया गया है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं गरीब और वास्तविक पशुपालकों के लिए बनाई जाती हैं। यदि किसी प्रकार की मिलीभगत से अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिया गया है तो यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों का भी हनन है।
हर प्रकरण की होगी छानबीन की मांग
विधायक कश्यप ने कहा कि विधानसभा में यह मांग उठाई जाएगी कि जिले में गौ पालन योजना के तहत स्वीकृत प्रत्येक प्रकरण की बारीकी से जांच कराई जाए। यह भी देखा जाए कि जिन लोगों को योजना का लाभ दिया गया, वे वास्तव में पात्र थे या नहीं तथा योजना की सभी शर्तों का पालन हुआ या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, बिचौलिए या हितग्राही की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस जरूरी
विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि शासकीय योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है तो उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। सरकार की मंशा का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि सरकार इस मामले में स्पष्ट स्थिति बताए और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
मामले पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
गौ पालन योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले ही शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंच चुकी हैं। अब स्थानीय विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाने की घोषणा के बाद इस प्रकरण पर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ने की संभावना है। यदि सरकार जांच के आदेश देती है तो पिछले वर्षों में स्वीकृत गौ पालन योजना के सभी प्रकरणों की पड़ताल हो सकती है और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।



