Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

ज्ञानदीप डीएड-बीएड कालेज जांजगीर सहित चार काॅलेजों का हुआ स्टिंग आपरेशन, निर्धारित शुल्क से चार गुना अधिक वसूली का मामला, एससीईआरटी ने दिए जांच के आदेश…

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर के लिंक रोड में नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित ज्ञानदीप डीएड-बीएड काॅलेज में अभ्यर्थियों से निर्धारित शुल्क से चार गुना अधिक वसूली का मामला सामने आया है, जिसका बकायदा स्टिंग कर वीडियो क्लीप मीडिया से साझा की गई है।

इसके अलावा जिले में संचालित तीन अन्य डीएड-बीएड काॅलेजों का भी स्टिंग करने के बाद वीडियो क्लीप मीडिया को उपलब्ध कराई गई है, जिनमें शिव शक्ति डीएड-बीएड काॅलेज खोरसी, लाल बहादुर शास्त्री डीएड-बीएड काॅलेज बलौदा और आरके बीएड काॅलेज नवागढ़ का नाम शामिल है। इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए एससीईआरटी ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, ज्ञानदीप डीएड-बीएड काॅलेज जांजगीर सहित इन चारों काॅलेजों में लंबे अर्से से निर्धारित शुल्क से चार गुना अधिक राशि लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही थी मगर, अब तक किसी ने भी इन काॅलेज के संचालकों की करतूतों को कैमरे में कैद नहीं किया था। इस वजह से इनकी मनमानी बढ़ती गई और आखिरकार अभ्यर्थियों को मजबूर होकर इन काॅलेज संचालकों की करतूतों को कैमरे में कैद करना पड़ा।

See also  अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को शिवरीनारायण पुलिस ने किया गिरफ्तार...

सीडी के साथ जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश

इधर, स्टिंग आॅपरेशन का वीडियो वायरल होने के बाद एससीईआरटी संचालक ने प्रवेश घोटाला मामले में संज्ञान लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को संयुक्त रूप से जांच दल गठित कर जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस पूरे मामले की जांच कर चार दिसंबर 2024 तक वीडियो क्लीप की सीडी के साथ जांच रिपोर्ट सौंपने कहा गया है, जिसके बाद अब जांच कमेटी का गठन किया गया है। गठित जांच कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर, बिलासपुर, मुंगेली, जिला मिशन समन्वयक जांजगीर, बिलासपुर और मुंगेली शामिल हैं।

See also  सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की बीएमओ ने की समीक्षा, संस्थागत प्रसव नही कराने पर रोका जायेगा वेतन...

एक से डेढ़ लाख रूपए तक वसूली

Advertisment

बता दें कि डीएड के लिए अधिकतम शुल्क 20 हजार रूपए प्रतिवर्ष निर्धारित है तो वहीं बीएड के लिए अधिकतम शुल्क 35 हजार रूपए प्रतिवर्ष है। मगर, अधिकांश काॅलेजों में संचालकों द्वारा एक से डेढ़ लाख रूपए तक वसूले जा रहे हैं। इस मामले में शिकायत करने वाले और पीड़ित विद्यार्थियों का दावा है कि अगर सही तरीके से मामले की जांच की जाए तो 200 करोड़ रूपए से अधिक का घोटाला उजागर होगा।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!