Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

रजत जयंती उत्सव की कड़ी में सेमरिया विद्यालय में स्पीड रीडिंग,दीवार पत्रिका एवं प्रदर्शनी का आयोजन 

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत कलेक्टर जांजगीर चांपा जन्मेजय महोबे जिला समन्वयक समग्र शिक्षा राजकुमार तिवारी के निर्देशन एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत बीआरसी एच के बेहार के मार्गदर्शन और प्रभारी प्रधान पाठक उमेश कुमार दुबे व शिक्षकों के नेतृत्व में शासकीय प्राथमिक पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया में विविध शैक्षणिक एवं प्रेरक गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी श्रृंखला में छात्र-छात्राओं के द्वारा मां सरस्वती की वंदना पश्चात् स्पीड रीडिंग दीवार पत्रिका व प्रर्दशनी का आयोजन किया गया।इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने प्रभावी पठन साथ ही विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा दीवार पत्रिका व प्रर्दशनी की गई। जिसमें रचनात्मक लेख, चित्रकला कविता और राज्य की उपलब्धियों पर विशेष लेख शामिल किए गए।इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों में सृजनात्मक अभिव्यक्ति कौशल और पठन संस्कृति को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में उपस्थित शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजू साहू ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पुस्तक को शुद्ध उच्चारण सहित धारा प्रवाह में पढ़ने की आदत और ज्ञानार्जन की संस्कृति को बढ़ावा देना है छात्र जीवन में पूर्ण क्षमता विकास के लिए पुस्तक पढ़ना जारी रखना चाहिए। हम जितनी पुस्तकें पढ़ेंगे उतने ही हमें ज्ञान होता जाएगा। गुलज़ार खान ने कहा कि पुस्तक ज्ञान का असीमित भंडार है जो हमें नई सोच प्रेरणा और जीवन जीने की दिशा देती है पुस्तकों का नियमित वाचन मनुष्य के सोच को विस्तृत करता है व्यक्तित्व को निखारता है और समाज को सही दिशा देता है। पुस्तक पढ़ने के महत्व नियमित वाचन की आदत और डिजिटल युग में पुस्तकों की प्रासंगिकता पर जानकारी देने के साथ विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा मूल विषय से अलग महापुरुषों की जीवनी या अन्य पुस्तक पढ़ने की आदत डालने के साथ-साथ लेखन कार्य का भी अभ्यास करना चाहिए। प्रभारी प्रधान पाठक ने सभी अतिथियों शिक्षकों विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्पीड रीडिंग लिखित सामग्री को औसत से बहुत तेज गति से पढ़ने की एक तकनीक है जिससे समझ और गति दोनों में सुधार होता है। इसमें अलग-अलग शब्दों पर ध्यान देने के बजाय शब्दों के समूह या वाक्यांशों को तेजी से पहचानना शामिल हैं। स्पीड रीडिंग में मन में शब्दों को दोहराना, आंखों की गतिविधियों को नियंत्रित करना जैसी तकनीकें शामिल हैं ताकि पाठ्य शब्दों के बजाय विचारों और सूचनाओं को तेजी से आत्मसात कर सके। यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इस तरह के आयोजन से बच्चों में वाचन कौशल और साहित्य के प्रति रुचि विकसित होती है। पुस्तक वाचन से न केवल भाषा कौशल का विकास होता है बल्कि यह एकाग्रता और चिंतन शक्ति को भी बढ़ता है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्षगांठ पर स्कूलों में विद्यार्थियों व पालकों में उत्साह और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। वही मुस्कान पुस्तकालय से बच्चों ने पुस्तकों का स्पीड रीडिंग के साथ समझ कर अध्ययन कर ज्ञान का अमूल्य लाभ ले रहे हैं विद्यालय में मुस्कान पुस्तकालय से चुनी गई पुस्तकों का पठन कराया जाता है और पढ़ी गई पुस्तकों तथा प्रतिभागियों का विस्तृत रिकॉर्ड भी संकलित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने इस वर्ष जारी की गई नवीन पाठ्य पुस्तकों का भी विशेष रूप से समझ के साथ स्पीड रीडिंग अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया तथा पुस्तक के बातों को आत्मसात करने के महत्व पर जोर दिया गया नई परिवर्तित एनसीईआरटी पुस्तकों के विषय वस्तु और शिक्षण पद्धति में आए बदलाव पर शिक्षकों ने विशेष प्रकाश डाला।छात्रों को रटने के बजाय समझ कर पढ़ने और ज्ञान को व्यवहार में जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश खूटे ने किया। इस अवसर पर एकादशियां मांझी,टीकाराम गोपालन,अनुपमा जांगड़े,कौशल यादव,अशोक जांगडे उपस्थित थे।

See also  Post Office की धमाकेदार स्कीम, बिना रिस्क के होगा 7 लाख रुपए का फायदा

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!