छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
जांजगीर सिटी कोतवाली थाने के एस.आई. बलवंत द्वारा दिव्यांग बलात्कार पीड़िता को केस वापस लेने मोबाइल किया जब्त, वापस करने लिए 2000 रुपए मांगे, आई.जी. से की गई शिकायत…


जांजगीर-चांपा। मामला जांजगीर थाने के सिटी कोतवाली का है जहाँ बलात्कार पीड़िता से एसआई बलवंत धीतलहरे एवं आरक्षक उमेश रत्नाकर द्वारा गाली गलौच मारपीट कर मोबाइल जब्त करने एवं 2 हजार रुपये की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। विकलांग रेप पीड़िता ने शिवरीनारायण थाने में आकर लिखित में शिकायत की थी कि रायगढ़ निवासी होरीलाल सूर्यवंशी ने उसे शादी का झाँसा देकर उसका बलात्कार किया है, आवेदन पर मामला शिवरीनारायण थाने में शून्य में दर्ज किया गया था जाँजगीर में 642/23 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिसका प्रकरण जाँजगीर सत्र न्यायालय 32/24 विचाराधीन है, आरोपी होरीलाल सूर्यवंशी के वकील गणेश गुजराल के फेसबुक हैक मामले में पीड़िता को कई दिनों से थाने में बैठाया गया है अगली गवाही पेशी के पहले कई दोनों से दिन भर थाने में बैठाया गया और बलात्कार का केस वापस लेने कहा गया उसे दिनांक 11-08-2024 थाने में सुबह 10 बजे से शाम तक बैठाया गया दिनांक 12-08-24 को भी सुबह उसके साथ उसके पूरे परिवार को थाने में बैठाया गया और पूरे परिवार के साथ गाली गलौच मारपीट करके मोबाइल जब्त कर लिया गया। एस.आई. बलवंत घृतलहरे एवं आरक्षक उमेश रत्नाकर द्वारा कहा गया की मोबाइल जाँच के लिए जाएगा कुछ खर्च पानी कर दो तो मोबाइल जल्दी मिल जाएगा नही तो महीने लग सकते हैं, और 2000 रिश्वत मांग किया गया तब पीड़िता ने 2000 रुपये पाँच सौ के चार नोट दिये। अब दो महिने बाद भी मोबाइल वापस न करके और 20000 रूपये की मांग की जा रही है। उक्त घटना से क्षुब्ध होकर पीड़िता ने मामले की शिकायत 14-09-2024 को पुलिस अधीक्षक से की थी परंतु पुलिस द्वारा मोबाइल वापस नहीं किया गया तब जाकर पीड़िता ने बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक से 07 अक्टूबर 2024 को मोबाइल वापस करने एवं एस आई बलवंत घृतलहरे और आरक्षक उमेश रत्नाकर पर विभागीय कार्यवाही करने का आग्रह किया है। जिले में कानून व्यवस्था स्थापित करने की जिम्मेदारी जिन स्टार लगे कंधों पर है वो ही कानून को अपने हाथ में लेकर थाने में बैठे हुए है अब देखना होगा उच्च अधिकारी इस ओर किस प्रकार संज्ञान में लेकर कार्यवाही करते हैं।



