सक्ति-मालखरौदा। ग्राम पंचायतो में भले ही राज्य सरकार के द्वारा महिला सशक्तिकरण होने का दावा किया जा रहा हो लेकिन धरातल पर तस्वीर अलग है। महिला पद का उनके पति खुलेआम दुरुपयोग किये है। ताजा मामला मालखरौदा जनपद की ग्राम पंचायत अमलीडीह का आया है। जहां के सरपंच पति ने पत्नी के सरपंच होने का फायदा उठाया गया है। पूर्व सरपंच हीराबाई चन्द्रा ने अपने पति बलभद्र चन्द्रा के नाम पर बहुत बड़ी कारगुजारी की गई है। जो पंचायत राज अधिनियम के साथ खिलवाड़ किया गया है।सरपंच पति के नाम पर पंचायत में हुए विभिन्न कार्य के लाखो रुपये के बिल निजी बलभद्र प्रसाद चन्द्रा के नाम पर चेक जारी कर पंचायत खाते से राशि आहरित कर ली गई है। जिसकी जानकारी सूचना के अधिकार से प्राप्त हुई है और बैंक से लाखो रुपये राशि आहरित की है। अगर सत्र 2010 से 2015 तक की कैशबुक रोकडपंजी की भौतिक सत्यापन किया जाए तो सबसे ज्यादा अगर राशि बैंक से आहरण हुआ है तो पूर्व सरपंच हीराबाई चन्द्रा के पति बलभद्र प्रसाद चन्द्रा के नाम पर चेक जारी किया गया है जो पंचायत राज अधिनियम की विपरीत है बरहाल जो भी हो अमलीडीह ग्राम पंचायत में शासकीय राशि की खुलकर दुरुपयोग किया गया है जो समझ से परे हुए है।
कानून की ज्ञाता सचिव की कार्यशैली कठघरे पर
ग्राम पंचायत अमलीडीह के पूर्व सचिव वेदराम साहू की संलिप्तता भी इस मामले में सामने आई है। आखिरकार नियमों के जानकारी सचिव को होते हुए भी क्यो सचिव ने सरपंच पति के नाम पर बिल लगाकर राशि आहरण करवाई।
गुणवत्ताहींन निर्माण कार्यों की जाँच में खुल सकती है हकीकत
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अमलीडीह में पूर्व सरपंच पति की मनमानी इस कदर हावी था कि गांव के निवासरत ग्रामीण जन परेशान थे। ग्रामीणों का तर्क है कि जब पूर्व सरपंच महिला पद पर थी तो उसके पति क्यों कामकाज में दखलंदाजी किये जाने की भी बात सामने आई है। अधिकारियों
को इस विषय पर संघन जांच करवाने की जरूरत है और इनके पूर्व में जितने भी राशि सरपंच पति बलभद्र चन्द्रा के नाम पर चेक जारी कर राशि बैंक से आहरण किये होंगे उसे रिकवरी कराने की जरूरत है लेकिन ऐसे मामले में अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं देते है। पूर्व सरपंच पति के द्वारा जो निर्माण कार्य कराए गए होंगे वो भी गुणवत्ता हींन तरीक़े से कराये गए होंगे जिसकी हकीकत भी भौतिक सत्यापन जांच के बाद सामने आ जाएगी है।
मनरेगा कार्य में खुलकर भ्रष्टाचार होने की संभावना
ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा के तहत किये गए निर्माण कार्यों में भारी भरकम राशि की फर्जी भुगतान होने की जानकारी सूचना के अधिकार से प्राप्त हुई है कि सरपँच अपने नाते रिश्ते दारो के नाम पर मजदूरी राशि का भुगतान किया गया है यह भी उजागर हो रहा है कि जो काम ही नही किया है उसको भी मजदूरी भुगतान किया गया है। यह जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुआ है कि सत्र 2010 से 2013 तक कि पँचायत की रिकार्ड को भी गायब कर दिया गया है क्योंकि इस सत्र के बीच बहुत ही ज्यादा भरकम राशि की हेरफेर करने की संभावना व्यक्त होती है। परन्तु अगर शासन प्रशासन मरनेगा की मजदूरी भुगतान की जांच कर देंगे तो करोड़ो रूपये की गबन की मामला सामने आ सकती है।
वर्जन
मेरे पास जितने पँचायत का रिकार्ड था उसको आपको दे चुका हूं और मेरे पास कोई रिकार्ड नही है सीईओ को पत्र लिखकर रिकार्ड मांगा हूं, जैसे ही मुझे मिलेगा तो आपको बाकी जानकारी दे दूंगा।
शत्रुघ्न साहू
सचिव
ग्राम पंचायत अमलीडीह