ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि श्री सर्वे को जुआ अधिनियम से संबंधित प्रकरण में माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, जांजगीर-चांपा द्वारा 03 फरवरी 2026 को दोषमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जांजगीर द्वारा 01 नवंबर 2026 को उसी प्रकरण को आधार बनाकर उनका निलंबन किया जाना न्यायसंगत एवं उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है।
संघ ने सवाल उठाया कि जब सक्षम न्यायालय द्वारा संबंधित कर्मचारी को दोषमुक्त किया जा चुका है, तो उसी प्रकरण के आधार पर निलंबन की कार्रवाई किस वैधानिक आधार पर की गई? संघ ने इसे कर्मचारियों के सम्मान एवं संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली कार्रवाई बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज की। साथ ही जिले के समस्त हड़तालरत पटवारियों के सामूहिक निलंबन की कार्रवाई किए जाने का आग्रह भी किया।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए अपर कलेक्टर वीरेंद्र लकड़ा ने संघ के प्रतिनिधिमंडल को प्रकरण में समुचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के फिरत किरण, डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, भुवनेश्वर देवांगन, लक्ष्मीनारायण तिवारी, राजस्व पटवारी संघ के गोपाल राठौर, लक्ष्मी तिवारी, संजय शांडिल्य, शिव शर्मा, संदीप राठौर, टिकेंद्र दीवान, प्रमोद कश्यप, रंजीत जांगड़े, अंबुज शर्मा, प्रदीप देवांगन, गजानंद साहू, रोशन बिंझवार, मोहन कौशिक, हेमचंद तिवारी, चंद्रशेखर कश्यप, नरेंद्र टंडन, हरीश कश्यप, खुशबू तिवारी, सुष्मिता दीवान, श्वेता राठौर, अंबालिका बरगाह एवं सावित्री दर्वे सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पटवारी उपस्थित थे।